कमसिन कुंवारी चूत की कामवासना-5

(Kamsin Kunwari Chut Ki Kamvasna- Part 5)

2019-02-05

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पिछले भाग में आपने पढ़ा कि मैं सोनू की चूत की चुदाई कर रहा था. इसी बीच उसने मुझसे अपने मम्मी और पापा की चुदाई की बातें करना शुरू कर दीं. मैं उसकी बातें सुनकर और ज्यादा जोश में आ गया था.
अब आगे:
सोनू कहने लगी- मैं चाहती हूं कि मम्मी जिस अदा से पापा से चुदती हैं उस अदा से यदि मम्मी इस लौड़े से चुदे तो मुझे बहुत अच्छा लगेगा.
सोनू की इन बातों ने मेरे मन में एक नया जोश भर दिया और मैंने उसकी जांघें पकड़ कर एक शॉट दे मारा. सोनू की चीख निकल गई.
वह बोली- बहुत अंदर तक लगता है. बस लेट कर चोदने में ही सबसे ज्यादा ठीक लगता है.
मैंने कहा- अभी तुम्हारी चूत में पूरी जगह नहीं बनी है और मेरा लंड बड़ा है, इसलिए तुम्हें अंदर लग रहा है, यदि यही शॉट मैंने तुम्हारी मम्मी की चूत में मारा होता तो वह झूम उठती.

सोनू भी रोमांच से भर गई और कहने लगी- राज बात तो तुम ठीक कह रहे हो, मम्मी के चूतड़ तो मेरे चूतड़ों से कहीं ज्यादा भारी हैं. उम्म्ह… अहह… हय… याह… जब वह तुम्हारे इतने बड़े लंड से चुदेगी तो उनको जो मजा आने वाला है मैं उसकी अपनी चूत में अभी से फील करने लगी हूँ।

सोनू के मुंह से ऐसी सेक्सी बातें सुन-सुनकर मेरा जोश हर पल और ज्यादा बढ़ता जा रहा था. मैं सोनू चूत में दोगुनी ताकत से धक्के मार रहा था और मेरा लंड उसके पेट में जाकर घुस जाता था. शरीर से तो लंड सोनू की चूत में जा रहा था मगर दिमाग में उसकी मां की चूत आने लगी थी.
खैर मैंने धीरे-धीरे पीछे से सोनू की चूत में लंड चलाना शुरु किया. सोनू मजे से आह … आह … करती रही. फिर मैंने सोनू की फैंटेसी को पूरा करने के लिए अपना एक पैर बेड पर रखा और अपने घुटने को उसकी कमर के साथ लगाया और हाथ बढ़ाकर उसकी दोनों चूचियां पकड़ी और पूरा लंड उसकी चूत में डालकर उसके चूतड़ों से चिपक कर खड़ा हो गया.

सोनू अपनी गर्दन इधर-उधर मारने लगी और मुझसे बोली- करो … ऐसे ही चोदो… ऐसे बहुत अच्छा लग रहा है.
मैं सोनू की चूत में पीछे से शॉट मारता रहा और सोनू आई … आई … बोलती रही और अपनी गर्दन और सिर को ऊपर नीचे झुलाती रही.

कुछ देर में मैंने सोनू की गर्दन पर हाथ रखकर उसे कहा कि अपनी चूचियां बेड पर रख लो. सोनू ने ऐसा ही किया. ऐसा करने से लंड और अंदर तक गया और सोनू को बहुत मजा आया.
सोनू ने बताया- मम्मी पापा ऐसे नहीं करते राज, मैंने मम्मी को पापा के ऊपर चढ़कर चुदवाते देखा है, वह भी करना है.

मैं नीचे लेट गया और सोनू को अपने ऊपर चढ़ा लिया और उसे बोला कि मेरे लंड को अपनी चूत में घुसा कर मेरे ऊपर लेट जाए. सोनू ने ऐसे ही किया. जब मेरे लंड को लेकर सोनू मेरी छाती पर लेटी तो मैंने अपना हाथ उसके चूतड़ों से नीचे ले जाते हुए उसकी चूत और अपने लंड को छूकर देखा. सोनू ने भी अपना हाथ पीछे ले जाकर लंड को देखा. बहुत देर तक सोनू मेरे ऊपर लेटी रही और लंड को लेकर ऊपर नीचे होती रही.
कुछ देर बाद सोनू कहने लगी- मुझे नीचे डाल कर ही चोदो.

अब यह बात मुझे समझ में अच्छी तरह आ गई थी कि सोनू को बेड पर नीचे लेटकर चुदने में ही मजा आता था. मैंने उसके अलग-अलग तरह की पोज में चोदने का मजा देना चाहा मगर वह उन सब आसनों में ज्यादा सहज नहीं हो पाती थी.
फिर मैं भी यही सोचता था कि अभी यह नई-नई लंड की शौकीन है इसलिए इसके साथ ज्यादा जोर-जबरदस्ती करना भी ठीक नहीं है. वैसे सच कहूं तो मुझे सोनू बहुत ही प्यारी लगती थी. मैं उसकी बातों को बड़े आराम से मान जाता था.
वह भी मुझ पर बहुत विश्वास करती थी. उसे पता था कि मैं उसके साथ कुछ भी गलत नहीं होने दूंगा.

हाइट में छोटी होने के कारण सोनू को गोदी में लेकर चोदते हुए मुझे बड़ा मजा आता था लेकिन वह मेरा लंड बर्दाश्त नहीं कर पाती थी इसलिए भी मुझे वापस उसको बेड पर लेटाना पड़ जाता था और वह भी उसी पोजीशन में चुदकर ज्यादा खुश होती थी.
इस बार भी यही हुआ और मैंने उसको बेड पर लेटा दिया.
मैंने कहा- दूसरे तरीके से चोदता हूं.

मैंने सोनू को खींचकर बेड के किनारे पर किया और उसकी दोनों टांगों को अपने कंधों पर रखकर उसकी चूत में लंड डाला. लंड डालने के बाद मैंने उसके घुटनों को मोड़ दिया और उसकी दोनों छातियों को पकड़कर भींचने लगा. सोनू आह … आह … करती रही.
उसकी नई-नई चूचियों को भींचते हुए उसकी चूत में लंड डालने का चस्का मुझे ऐसा लग चुका था कि मैं जल्दी ही अपने चरम पर पहुंच जाता था. मैं उसकी चूचियों को पकड़ कर मसलते हुए उसकी टाइट चूत में लंड को पेलता जा रहा था और वह मेरी चुदाई के आनंद में गोते लगा रही थी.

हालांकि मैं दो भाभियों की चूत कई बार मार चुका था मगर कुंवारी चूत को चोदने का मजा ही कुछ अलग होता है. अभी सोनू का जिस्म खिलती हुई कली जैसा था. बिल्कुल नया-नया, मुलायम और सॉफ्ट. इन्हीं सब चीजों के बारे में सोचते हुए मैंने उसकी चूत की ताबड़तोड़ चुदाई जारी रखी.

लगभग 20 मिनट की जोरदार चुदाई के बाद मेरे लंड ने अकड़ना शुरू कर दिया और मैंने सोनू को अपनी बांहों में कसकर भींच लिया. मैंने एक बार फिर जोर-जोर के झटके मार कर सोनू की चूत में अपने लंड की पिचकारियां मारी और लंड बाहर निकाल लिया. सोनू की चूत से गर्म-गर्म वीर्य निकलता हुआ सोनू की गांड को भिगोता हुआ नीचे गिरने लगा.

मैंने झुककर सोनू के गाल, माथे, आंखों को चूमा. उसे बहुत अच्छा लगा. सोनू कहने लगी- मैं थक गई हूं.
मैं भी थक गया था. हम दोनों नंगे ही बेड के ऊपर आपस में लिपटकर सो गए. 4:00 बजे मेरी आंख खुली. सोनू सो रही थी. मैंने सोनू को जगाया.
उसने टाइम पूछा तो बोली- मेरा घर जाने का टाइम हो गया है.

मैंने सोनू को अपना लंड पकड़ाया.
सोनू कहने लगी- बस आज बहुत थक गई हूं अब और नहीं. अब मैं जा रही हूं.
मैंने कहा- ठीक है.

सोनू ने उठकर अपनी ब्रा पहनी और शर्ट पहनी. सोनू ने शर्ट पहनी तो शर्ट के आगे से खुले भाग में से उसकी चूत दिखाई दे रही थी और शर्ट का दोनों साइड का कट उसके सुडौल पटों पर बहुत सेक्सी लग रहा था. शर्ट का पीछे का हिस्सा उसके गोल चूतड़ों तक आधा आया हुआ था.
मैंने सोनू को पकड़ लिया और कहा- ऐसे तो बहुत सेक्सी लग रही हो.
मेरा लंड उसी वक्त खड़ा हो गया. मैंने पीछे से सोनू के चूतड़ों में अपना लंड लगाया और उसको बांहों में ले लिया.

सोनू कहने लगी- मेरा शर्ट खराब हो जाएगा.
मैंने कहा- सोनू जो मर्जी हो जाए, ऐसे तुम बहुत सेक्सी लग रही हो. मुझे इस शर्ट में ही तुम्हारी चूत मारनी है.

मैं बहुत देर तक उसके पीछे चूतड़ों में लण्ड लगाए खड़ा रहा और उसके पेट पर हाथ फिराता रहा. उसको मैंने फिर छेड़ना शुरू किया.
सोनू ने ड्रेसिंग टेबल में देखा और कहने लगी- ऐसे तो वाकई सेक्सी लग रही हूं.
उसने पीछे से देखा तो उसको मेरा लंड चूतड़ों में लगा हुआ बहुत अच्छा लगा.
सोनू कहने लगी- आपने मेरा फिर मन खराब कर दिया …चलो, करो फटाफट.

मैंने सोनू की चूत में आगे से शर्ट हटाकर लंड को लगाया. सोनू अपनी चूत में लगे लंड को ड्रेसिंग टेबल में देख रही थी.
मुझसे कहने लगी- आपकी सेक्स की सेंस बहुत अच्छी है.
मैंने सोनू को अपनी टांगें चौड़ी करने के लिए कहा तो उसने टांगें चौड़ी कीं और मैंने नीचे खड़े-खड़े उसकी चूत में लंड को अड़ा दिया और पीछे से उसके चूतड़ों के नीचे से दोनों पटों को सहारा देकर उसे अपने लंड पर टांग लिया. हम दोनों को बहुत मजा आया.

सोनू ने फिर इशारा किया- बेड पर लिटाओ.
मैंने उसी पोजीशन में सोनू को उठाकर बैड पर लिटा लिया और उसकी शर्ट के ऊपर के दो बटन खोल कर उसके मम्मे बाहर निकाले और एक मम्मा चूसते हुए उसकी ताबड़तोड़ चुदाई करने लगा. कुछ ही देर में सोनू की आवाजें निकलने लगी.
उसने कहा- राज मेरी चूत पानी छोड़ रही है.
मैंने कहा- मुझे अभी टाइम लगेगा.

मैं बहुत देर तक उसकी चूत में लण्ड पेलता रहा. कमरे में बेड चरमराने और फच-फच की आवाजें आने लगी.
सोनू बोली- बस करो, अब दर्द होने लगा है.
मैंने 15-20 जोर-जोर के झटके मारे और अपना पानी उसकी चूत में छोड़ दिया. जब वह उठी तो एक बार फिर उसकी टांगें वीर्य में सन गई. सोनू दोबारा चूत धोकर आई.
बाहर आकर बोली- मेरी चूत तो बहुत सूज गई है.
मैंने कहा- दिखाओ?
उसने अपना शर्ट थोड़ा ऊपर उठाया. चूत वाकई फूली हुई थी, लेकिन बहुत सुंदर लग रही थी.

मैंने सोनू से कहा- जिस दिन तुम पहली बार मेरे पास आई थी और मैंने जो तुम्हारी चूत देखी थी, उसमें और इसमें दिन-रात का अंतर है. तुम ध्यान से देखो, क्या तुम्हें अब अच्छी नहीं लग रही है?
उसने ड्रेसिंग टेबल में देखा और बोली बहुत अच्छी लग रही है, अब तो यह कुछ-कुछ मम्मी जैसी लगने लगी है.
मैंने कहा- अब तुम घर जाओ और आती रहना.

सोनू के लिए मैं बहुत सारी आईपिल ले आया.

अब सोनू लगभग हर रोज शाम को मेरे पास आती थी और चुदाई का एक दौर लगा लेती थी. मैं भी अपना लंड उसकी सेवा में हाजिर कर देता था और उसकी चूत में वीर्य की धार मारकर उसको गोली खिला देता था ताकि गर्भ धारण जैसी कोई समस्या में न तो वह फंसे और न ही मेरे ऊपर कोई आफत आए.

सोनू के अंदर अपने मम्मी-पापा की चुदाई देखकर कामुकता भर गई थी और वह आसानी से मुझसे चुदवाने लगी थी. उसकी बाद में यह भी फैन्टसी बन गई कि एक बार मेरे बड़े लौड़े से अपनी मम्मी को उसी तरह से चुदते देखे जैसे उसके पापा चोदते हैं. वह जब भी मुझसे चुदने आती तो अपनी मम्मी का जिक्र जरूर करती थी. मैं उसकी मां की चूत के सपने देखने लगा था. मैं चाहता था कि जल्दी ही उसकी मां की चूत भी मुझे चोदने का मौका मिल जाए.

एक दिन सोनू की मम्मी मेरे कमरे में आई और मुझसे पूछने लगी- सोनू की पढ़ाई कैसी चल रही है?
मैंने कहा- बहुत अच्छी चल रही है. यह बहुत होशियार लड़की है.

मैं पहली बार सोनू की मां को देख रहा था. जैसा सोनू बताया करती थी उससे तो कहीं ज्यादा सुंदर थी उसकी मां देखने में. मैंने उसकी मां को बस दूर से ही देखा था मगर आज वह मुझसे कुछ फीट की दूरी पर ही खड़ी थी.
मैं बातें तो मुंह से कर रहा था लेकिन मेरे ख्यालों में सोनू की मां नंगी हो चुकी थी और मैं वैसे ही सोचते-सोचते उसकी नंगी माँ की कल्पना करने लगा था जैसा कि सोनू मुझे उनकी चुदाई के बारे में बताया करती थी. मैं सोनू की मां को देखता रहा और मन ही मन सोनू के बताए हुए उनके नंगे शरीर की कल्पना करता रहा. सोनू की मम्मी को चोदने की, मेरी और सोनू की कल्पना साकार हुई या नहीं … यह अब मैं अगली कहानी में लिखूंगा.

जवान कुंवारी लड़की की चूत चुदाई की यह कहानी आपको कैसी लगी आप मुझे अपने मैसेज के ज़रिए बताना ताकि जल्दी ही मैं आप सबके लिए अपनी अगली कहानी पेश कर सकूं. मुझे आप सबके मेल का इंतज़ार रहेगा.
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