भैंसों के तबेले में दो लंड से चुदाई

(Desi Kahani: Tabele Me Do Lund Se Chudai)

2017-10-26

नमस्ते दोस्तो, आप सबका बहुत-बहुत धन्यवाद, आपको मेरी सेक्स स्टोरी

पसंद आई और मुझे आप सभी के बहुत सारे ईमेल भी मिले, पर मुझे खेद है कि मैं सभी को जबाव नहीं दे पाई, इसके लिए माफ़ी चाहती हूँ.

दोस्तो, आज ये जो देसी कहानी आपको बताने जा रही हूँ, यह मेरे साथ हुई एक सच्ची घटना है. आपको तो पता ही है कि दूध वाले ने मुझे कैसे चोदा. इसके बाद मैंने उसके साथ उसके तबेले में भी जाकर चुदवाया था.

अब उस दूध वाले की और उसके दोस्त के साथ तबेले में रंगरेलियां कैसे मनाईं.. ये सब कुछ इस तरह हुआ.

मैं सुबह करीब दस बजे उठी तो देखा कि घर में दूध ख़त्म हो गया तो मुझे लगा कि दूध वाला शायद दूध लाया ही नहीं. पर वो सुबह सबको दूध दे गया था. मैं आज सुबह लेट जागी थी. मेरे पति भी जॉब पर सुबह 6 बजे निकल गए थे, इसलिए दूध वाला बिना दूध दिए वापस चला गया.
मैंने सोचा कि चलो मार्केट से सब्जी भी ले लूंगी और वहाँ से आते टाइम तबेले से दूध भी ले लूँगी. दूध वाले का तबेला रास्ते में ही था.

मैंने मार्केट से सब्जी ली और कुछ सामान लेने में मुझे 11 बज गए थे. तबेले में पहुँचते पहुँचते करीब 11:30 हो गए.. वहाँ सिर्फ दूध वाला था.

इस वक्त मैं नीले रंग की साड़ी पहने हुए थी. मैं वहाँ पहुँची और आवाज़ दी. तभी अन्दर से उसकी आवाज आई- भाभी जी हम यहाँ हैं.. आप अन्दर आ जाओ. वो सिर्फ अंडरवियर में था और भैसों को चारा डाल रहा था.
उसने मुझे भी घास की गठरी पर बैठने को कहा और वो मुँह-हाथ धोकर आया.

वो मुझे देख कर बोला- भाभी आज तो साड़ी में गजब की रंडी लग रही हो.
यह कह कर वो मुझे किस करने लगा तब मैंने उससे कहा- छोड़ो यार, कोई देख लेगा.
वो बोला- अरे यहाँ दस बजे के बाद कोई नहीं आता.. पहले भी तो तुमको इधर ही चोदा है.

उसने मुझे बांहों में भर लिया और किस करने लगा. वो तो अंडरवियर में ही था.

मुझे उसने घास की गठरी पर लेटाते हुए कहा- नरम गद्दे पर तो बहुत चुदी हो.. भाभी.. आज यहाँ घास पर भी चुत चुदाई का मजा ले लो.

वो मुझे किस करते हुए, मम्मों को दबाते हुए गर्म साँसें चलाने लगा. उसके बाद उसने मेरी साड़ी उतारी और ब्लाउज भी खींच कर उतार दिया. मैं सिर्फ ब्रा पेंटी में थी. मुझे डर भी लग रहा था कि कोई आ ना जाए. वो मुझे किस करते हुए मेरे मम्मों को जोर-जोर से मसल रहा था.

अब मुझे भी वहाँ मजा आने लगा. तभी उसने मेरी चुत में उंगली करते हुए कहा- का बहुत गरमा गई हो भाभी!
मैंने ‘हाँ’ में सर हिलाते हुए उससे कहा- अब तू जल्दी से चोद दे मुझे.
वो बोला- पहले मेरा लंड तो चूसो रानी.

वो खड़ा हो गया, मैंने उसकी अंडरवियर नीचे खींच कर उसका लंड बाहर निकाल लिया और लंड पर हाथ फेरने लगी. उसका लंड मेरे हाथ लगते ही फनफनाने लगा. मैंने लंड पर चुम्मी ली और सुपारे पर जीभ घुमाई, फिर लॉलीपॉप की तरह लंड चूसने लगी.

उसी वक्त वहाँ उसका एक दोस्त बिना आवाज़ दिए आ गया. तब मैं लंड चूस रही थी और दूध वाला मेरे बाल पकड़ कर मुँह में लंड ठूंस रहा था. मैंने भी तबियत से लंड चूसा. जब लंड एकदम लोहे की रॉड जैसा सख्त हो गया तब मैंने मुँह से लंड बाहर निकाला और कहा- मार डालोगे क्या?
तब उसका दोस्त बोला- जी नहीं.. भाभी जी.

मैं उसे देख कर एकदम से डर गई और साड़ी ढूँढने लगी. तब तक वो मेरे पास आ गया और मेरे मम्मों को दबाने लगा. दूध वाला भी मुझे बांहों में लेते हुए उससे बोला- अरे यार तू कब आया?

मैंने दूध वाले की छाती में अपने मम्मे छुपा लिए तो दूध वाला मुझसे बोला- चलो भाभी जी आज तो दो लंड हैं.. आप दोनों ले ही लो. आपकी मस्त चुदाई हो जाएगी.

मैं घबरा गई थी, वैसे भी मुझे पता था कि इन दोनों से नहीं चुदी तो ये साले कहीं मेरी चुदाई के चर्चे सबसे न कह दें और शायद मेरे पति को भी ना बता दे. यह सोच कर मैं भी मुस्कुरा दी और उस दूसरे ने भी अपने कपड़े उतार दिए और वो भी मेरे जिस्म से चिपक गया.

अब दूध वाले ने लंड को मेरे मुँह में फिर से घुसेड़ दिया. उसका दोस्त मेरे मम्मों से खेलने लगा और झुक कर चुत चाटने लगा. करीब दस मिनट के बाद दूध वाले ने लंड का रस मेरे मुँह में छोड़ दिया और मैं उसे पी गई.

अब उसका दोस्त खड़ा हुआ और मेरे मुँह में लंड डाल के लंड चुसवाने लगा.
दूध वाला बोला- यार, इसे कुतिया बना कर लंड चुसवा ले.
दोस्त ने मुझे कुतिया बनने को कहा, तभी दूधवाले ने मुझे गाली दी- चल रंडी झुक जा.. आज तेरी चुत की खैर नहीं.

मैं हंसते हुए झुक गई, दूधवाले ने पीछे से अपने लंड को मेरी चुत पर सैट किया और घचाक से अन्दर डाल कर मेरी चुदाई शुरू कर दी.

दूधवाले के बमपिलाट झटके से तो मानो मेरी जान ही निकल गई, फिर उसने मुझे बड़ी तेजी से चोदना शुरू किया. मुझे आज ये चुदाई बड़ी भयंकर लग रही थी क्योंकि दूधवाले का मूसल लंड मेरी बच्चेदानी तक जा रहा था और आगे से उसके दोस्त का लंड मेरे गले तक ठोकर मार रहा था.

करीब 5 मिनट मैं उसके दोस्त के लंड का रस मेरे मुँह में निकल गया. वो मेरे मम्मों को दबाने लगा. पीछे से दूध वाला मेरी फूली हुई चुत चोद रहा था. उस दौरान मैं दो बार पानी छोड़ चुकी थी.

दूध वाले का जैसे ही खेल ख़त्म हुआ.. उसके दोस्त ने मुझे लिटा दिया और अपने लंड को मेरी चुत पर रख कर अन्दर पेल दिया. उसका लंड सट से चुत के अन्दर चला गया. उसका लंड भी 7″ का होगा. उसने भी मुझे करीब 10 मिनट तक चोदा और उसने भी मेरी चुत में ही पानी छोड़ दिया.

फिर वो वैसे ही रस से सना हुआ लंड मेरे मुँह के पास ले आया और लंड चूसने को कहा.
मैंने गप से लंड को मलाई वाली कुल्फी समझ कर मुँह में भर लिया. आह.. मुझे बहुत मजा आ रहा था.

तभी दूध वाला मेरे मम्मों को जोर-जोर से दबाने लगा और उसने मुझे गाली देते हुए कहा- साली आज तेरा ही दूध निचोड़ कर तुझे दूँगा..
वो हर बार गंदी-गंदी गालियां दे रहा था.

कुछ देर बाद मेरी चुत चुदाई खत्म हो गई. मैं कपड़े पहनने लगी, दूध वाले के दोस्त ने मेरा हाथ पकड़ा और अपने ऊपर खींच कर बोला- कहाँ जा रही हो रानी, एक बार तो और चुदवा लो.
उसने मुझे नंगे ही अपने लंड की सवारी करवाई. मैं भी मजे से उछल कर अपनी चुत में उसका कड़क लंड ले रही थी.
‘अह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… उहहह..’

वो मेरे झूलते हुए मम्मों को जोर-जोर से दबा रहा था. उन दोनों ने मेरे गोरे बदन को चोद-चोद कर लाल कर दिया था. इस तरह उछाल-उछाल कर चुदाई की कि उसके बाद मैं थक कर वहीं घास पर लेट गई. वे दोनों मेरे बाजू में ही लेटे थे. कुछ 30 मिनट बाद सभी ने कपड़े पहने और मैं अपने घर आ गई. घर आकर फ्रेश हो कर मैं सो गई.

मेरी चुत को आज दो लंड खाने को मिले थे. आपको कैसी लगी, मुझे ज़रूर बताना.
धन्यवाद आपकी चुदक्कड़ नीलम
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