कम्प्यूटर सीखने के बहाने सेक्स का खेल-1

(Computer Seekhne ke Bahane Sex Ka Khel- Part 1)

2018-12-27

आप सभी अन्तर्वासना के पाठकों का धन्यवाद, जो आपने मेरी कहानी

को पढ़कर अपने मस्त कमेन्ट मुझे भेजे. ऐसे ही आप अपना प्यार बनाए रखें.

मैं पार्ट-टाईम में कंप्यूटर पढ़ाने का काम भी करता हूँ. जब मैं जॉब चेंज करके मुंबई आया तो मुझे शुरूआत में पैसे की बहुत ही कठिनाई हुई. तो मैंने सोचा कि क्यों ना कंप्यूटर क्लासेस शुरू कर देना चाहिए. मैंने लोकल पेपर और वेबसाईट पे मेरे क्लासेस के बारे में जाहिरात(विज्ञापन) डाल दिए. बहुत फोन आने लगे, लेकिन मेरी फीस ज्यादा होने के कारण जल्दी कोई तैयार ही नहीं हो रहा था.

फिर एक दिन सुबह एक लेडी का फोन आया. उसने अपना नाम सोनल बताया. वो बोली कि आप अगले हफ्ते मेरे घर आ जाओ, फिर बात करते हैं.

एक हफ्ते बाद मैं उसके घर गया. घर तो बहुत ही बड़े अपार्टमेंट में था.
उससे बातचीत हुई कि क्या क्या सिखाना है.
मैंने उसको बोला कि मैं हफ्ते में तीन दिन क्लास रहेगी, जो मैं आपके घर पे आकर सिखाऊंगा.
फीस के बारे में भी सब तय हो गया.

मैंने उसको बोला कि आप लैपटॉप खरीद लो. मैं सोमवार से आऊंगा.

अब मैं आगे बढ़ने से पहले उसके बारे में नाम के अलावा बता देता हूँ. सोनल की उम्र 38-40 साल थी, उसने शादी नहीं की थी. जिसका कारण अभी मुझे पता नहीं था. उसका साईज 36-28-32 का था, कद करीबन 5.5 फुट, दिखने में ठीक ठीक थी. लेकिन उसने अपनी जो फोटो हॉल में लगा रखी थी, वो अलग ही थी. क्योंकि उसमें वो मेकअप में थी. वो अमीर खानदान की दिख रही थी. उसकी एक ही बहन थी जो जॉब करती थी. दोनों ही अलग अलग विंग में अलग फ्लैट में रहती थी.

सोमवार को जैसे ही मैं घर में दाखिल हुआ, उससे बातचीत हुई, तभी उसकी बहन आ गयी. उसके साथ भी क्लास के बारे में बातचीत हुई. सोनल ने बताया कि उसे क्या सीखना है. फिर उसने मुझे लैपटॉप दिखाया जो कि सबसे मंहगा लैपटॉप था.
मैंने उनको बोला- मेरा सुबह का टायमिंग फिलहाल फ्री नहीं है. हम लोग अगले महीने की एक तारीख से क्लास शुरू कर देते हैं.
उसने भी हां बोल दिया.

फिर मैंने 28 तारीख को फोन किया और एक तारीख से क्लास शुरू हो गई.
मैंने उनको बोल दिया था कि ये 3 महीने का कोर्स है.

लेकिन जिस तरह से सोनल सीख रही थी मुझे ऐसे लग रहा था कि ये क्लास तो लंबी चलेगी. मुझे एक एक बात उसे 10 बार समझानी पड़ती थी.

ऐसे बातें चलती रहीं. उसने अपने बारे में मुझे सब कुछ बताया, वो मैं इसमें बयान नहीं कर सकता.

खैर.. दो महीने निकल गए. इस बीच उसने मुझे अपना पूरा फ्लैट दिखाया जो 3 बीएचके का था. हम लोग हॉल में बैठते थे, कभी सोफे पर या डायनिंग टेबल पर. जब क्लास चलती तो सोनल पहले बहुत डीसेंट रहती … मतलब अच्छी तरह ड्रेस, ओढ़नी वगैरह!

हमारी पढ़ाई के बीच में बहुत बातें होती रहती थीं. शायद उसे दुनियादारी मालूम नहीं थी क्योंकि 12 वीं कक्षा के बाद उसने आगे पढ़ाई नहीं की. उनके पास पैसा बहुत था शायद इसलिए उसने शिक्षा का महत्व नहीं समझा था. वो बहुत बार किसी छोटे बच्चे जैसे प्रश्न पूछती थी.

इस तरह दो महीने गुजर गए. मैं उसे हर तरह से सिखाने की कोशिश करता, लेकिन एक हफ्ते बाद वो सब भूल जाती थी.
मैंने उसको बोला- सोनल जी, मेरी क्लास तीन महीने की रहती है, लेकिन आप जिस प्रकार सीख रही हो, ऐसे तो हमें 7-8 महीने लग जाएंगे, मैंने आपको जो फीस बतायी थी उस फीस से काम नहीं बनेगा. मुझे आपको सिखाने में तय समय से भी ज्यादा लग रहा है.
सोनल बोली- सर आप फीस की चिंता मत करो. और एक बात, आज से मैं आपको बस स्टाप तक मेरी गाड़ी से छोड़ दूँगी.. उससे आपका समय भी बच जाएगा.

अब तो मुझे तो कुछ दिक्कत नहीं थी. पढ़ाई फिर से जारी हो गई.

इस दौरान सोनल ने अपनी लाईफ के बारे में मुझे सब कुछ बता दिया. कुछ राय वो मुझसे भी लेने लगी. हम लोग बहुत ही क्लोज हो गए थे.

फिर ऐसे एक दिन सिखाते सिखाते फ्लैट के बारे में चर्चा हुई, तो बोली- सर, आपने तो मेरा फ्लैट देखा ही नहीं, चलो मैं दिखाती हूँ.
पहले उसने भगवान की मंदिर कहां बनवाया, वो दिखाया. फिर उसने तीनों बेडरूम दिखाए, किचन, टायलेट, बाथरूम, छत दिखाए.

फिर वो मुझसे बोली- आप पहले इंसान हैं, जिसे मैंने अपना पूरा घर दिखाया, मैं किसी को घर के अन्दर आने नहीं देती हूँ. लेकिन आपसे मैं जब भी बात करती हूँ, तो लगता है कि किसी अपने से बात कर रही हूँ.
उसकी आंख से आंसू आ गए.

मैंने पूछा- क्या हो गया आपको?
वो बोली- कुछ नहीं.
फिर मैंने बोला- मैं आपका ही हूँ.. मतलब फैमिली जैसा हूँ.
अपनी ही बात से मैं थोड़ा सा घबरा गया था क्योंकि मैंने बोलते बोलते कुछ गलत बोल दिया था.
वो कुछ कहती, इससे पहले मैंने उससे कहा- माफ कर दीजिये सोनल जी, गलती से मुँह से निकल गया.
वो बोली- कोई बात नहीं… आप मेरे टीचर और खास दोस्त हैं. आप मुझे जो भी गाईड करते हैं, तो वो सही ही रहता है.

इसी तरह जब मैं उसे कुछ इंटरनेट के बारे में सिखाता, तो गलती से कभी अश्लील साईट ओपन हो जाती थी.
एक दिन उसने पूछा- इंटरनेट पे क्या क्या जानकारी मिलती है?
मैंने बोला- आपको जो जानकारी चाहिए, इन्टरनेट पर उसके बारे में आपको सब मालूमात मिल जाएगी.

दूसरे दिन जब मैं उसे सिखाने आया. तो मैंने जैसे इंटरनेट शुरू किया और उसकी हिस्ट्री चैक की, तो उसमें सब सेक्स से रिलेटेड साईट दिखाई दीं.
मैंने सब डिलीट कर दिया.
तब तक सोनल बाजू में आकर बैठ गयी थी. मैंने उसे सिखाना शुरू कर दिया.

वो आज कुछ अलग तरह से बिहेव कर रही थी.
जब मैंने उससे बोला कि आप माऊस पर राईट क्लिक कीजिए और ऐसा कीजिए. यही कुछ उसे बता रहा था तो वो बोली- मुझे नहीं जम रहा है … आप करके दिखाओ.
मैंने करके दिखाया, उसे फिर भी नहीं आया तो वो बोली- आप मेरा हाथ पकड़ो और करके दिखाओ.

मैंने उसे हाथ लगाया तो जैसे पूरे शरीर में करंट दौड़ गया.
वो बोली- क्या हुआ?
मैंने बताया- कुछ नहीं!

फिर उसके हाथ पर हाथ रखकर उसे सब सिखाया. उसी वक्त उसकी छोटी बहन भी आ गयी. मैंने मेरा हाथ हटाना चाहा लेकिन वो बोली- आप सिखाओ मुझे.

उस दिन से उसका मेरे साथ का बर्ताव कुछ बदल गया था. जब मैं जाता था, तब कभी वो शार्ट स्कर्ट पहनती थी, तो कभी सीखने के लिए एयर ब्रा पहन कर ही बैठ जाती.

एक दिन मैं उसे सिखा रहा था कि टीवी और लैपटॉप कनेक्शन कैसे करते हैं. उस दिन उसने बहुत ही बड़े गले का टॉप पहना हुआ था. वो नीचे बैठ गयी.

मैंने उसे कुछ लिखने के लिए बोला तो मेरे सामने तिपाई के बाजू में कुर्सी लेकर बैठ गयी और झुककर लिखने लगी.
मैं जो बोल रहा था, वो काफी झुक कर लिख रही थी. वो इस तरह झुकी थी कि उसके अन्दर का सब कुछ दिख रहा था. उसने उस दिन ब्रा नहीं पहनी थी, तो उसके बड़े बड़े टाईट चुचे दिख रहे थे. मेरी नजर उसकी चुचियों पे ही थी.

इधर मेरा लंड पेंट के अन्दर आकार ले रहा था.
सोनल ने मेरी तरफ देखा तो मैंने मेरी नजर फौरन दूसरी तरफ कर दी. लेकिन उसने देख लिया था कि मैं क्या देख रहा हूँ. फिर वो मेरी पैन्ट की तरफ देखने लगी तो मैं थोड़ा शरमा गया.
शायद वो मुझे और भड़का रही थी.

मेरा निकलने का टाईम हुआ.. तो सोनल बोली- सर मैं कपड़े चेंज करके आती हूँ.
फिर वो बेडरूम के अन्दर चली गयी. जहां हम लोग बैठते हैं, उसके सामने ही उसका बेडरूम है और उसमें एक बड़ा आईना लगा है.

वो उसी बेडरूम में कपड़े चेंज करने के लिए गयी थी. मुझे आईने से सब कुछ दिख रहा था, मजे की बात कि यह बात सोनल को पता थी. उसने अपना टॉप निकाल डाला, मेरी सांस वहीं अटक गयी. उसके नंगे चुचे मुझे दिखाई दे रहे थे. फिर उसने नीचे पहना हुआ अपना शॉर्ट निकाल दिया. अभी वो केवल पेंटी में ही खड़ी दिख रही थी.

इस वक्त उसकी पीठ मेरी तरफ थी. वो आधी नंगी थी, आईने से उसके चुचे एकदम कड़क दिख रहे थे. मुझे लग रहा था कि पीछे से जाऊं और उसे दबोच लूँ.. खा जाऊं उसे. साली सुबह से चुचे दिखा रही थी, लेकिन क्या करूँ, उसकी नजर में मैं बहुत सीधा साधा इंसान था. उसको यूं नंगी अवस्था में देख कर मेरी सांसें जोर जोर से चलने लगीं. मेरा लंड बहुत टाईट हो चुका था, जिससे मुझे बहुत ही तकलीफ हो रही थी. फिर मैं वहां से हटकर हॉल में आ गया और नार्मल हो गया.

थोड़ी देर में वो लॉन्ग स्कर्ट और थोड़ा ट्रासपेरंट टॉप पहन कर आई. उसे देख कर लग रहा था कि उसने अब ब्रा पहन ली थी.
वो मेरी तरफ देखकर हंसी और बोली- चलिए सर, मैं आपको ड्राप कर देती हूँ.
मैं नीचे आकर उसकी गाड़ी में बैठ गया. बीच बीच में वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुरा रही थी.

फिर शाम को उसने फोन किया. उसे कुछ पूछना था. मैंने फोन से ही उसे गाईड किया और उसकी प्रॉब्लम को दूर किया.
सोनल बोली- सर आप शनिवार को आ जाइए, मैं तीन दिन मुंबई में नहीं हूँ. वैसे भी आपकी तो छुट्टी रहती है ना शनिवार को?
मैंने उससे हां बोला.

मैं शनिवार को उसके घर गया. बेल बजाई, लेकिन दरवाजा नहीं खुला. फिर मैंने उसे फोन किया, लेकिन उसने उठाया नहीं. मुझे लगा कि शायद वो घर पे नहीं है. ये सोच कर मैंने वापिस बेल बजायी तो अन्दर से आवाज आयी कि रुकिए मैं आती हूँ.
मुझे मालूम था कि उसके घर डोर सिक्यूरिटी टीवी है. शायद मैं उसे अन्दर से टीवी पे दिख गया होऊंगा.

सोनल ने दरवाजा खोला लेकिन वो दरवाजे के पीछे खड़ी थी. मैंने देखा तो वो अपने शरीर पर टॉवल लपेट कर खड़ी थी.
फिर बोली- सॉरी.. मैं नहाने चली गयी थी, इसलिए देर हो गयी.
मैं बोला- सॉरी.. मुझे मालूम नहीं था.. आपने क्यों तकलीफ की, मैं बाहर खड़ा रहता ना.

फिर मैं अन्दर गया, नीचे पेपर पड़ा था, मेरी नजर नहीं पड़ी, मैं उसके ऊपर से चल कर निकल गया. जब आगे गया तो देखा नीचे पेपर पड़ा था.
मैंने वापिस माफी मांगी और बोला- मेरा ध्यान नहीं था.
तो सोनल बोली- नहीं सर, मैंने सुबह पेपर उठाया ही नहीं.

फिर मैं पेपर उठाने नीचे झुका, तब तक सोनल नीचे झुककर पेपर उठाने लगी थी. उसी वक्त मैं भी नीचे झुका तो उसकी चुत मुझे दिखाई दी, क्योंकि उसने टॉवल लपेटा था, उसके अन्दर कुछ भी नहीं पहना था. उसने मुझे देखा कि मैं क्या देख रहा हूँ.

फिर मैं ऊपर उठ गया, तब तक एक बड़ी घटना घट गई. हुआ यूं कि जिस वक्त सोनल ऊपर उठ रही थी कि तभी उसका टॉवल उसके शरीर से नीचे गिर गया और वो पूरी नंगी मेरे सामने खड़ी हो गई.
आह.. क्या कयामत जैसी दिख रही थी. उसके बड़े बड़े 36 इंच के चुचे और उसके निप्पल भी बड़े थे, इस वक्त एकदम तने हुए थे. उसके चुचे बड़े टाईट थे, एकदम से तने हुए.. वैसे तो 38-40 की उम्र में चुचे नीचे लटक जाते हैं.. लेकिन सोनल के टाईट थे. उसकी चुत तो जैसे मखमल जैसी चमक रही थी. शायद उसने आज ही शेव की होगी. भगवान ने उसका शरीर क्या बनाया है.

वो थोड़ी भी हिली नहीं, बस मेरी तरफ देख रही थी. मेरी हालत बेकरार हो रही थी, नीचे लंड बाहर आने के लिए बेताब था, लेकिन मैंने खुद पे काबू रखा और नीचे झुककर टॉवल उठाकर उसके शरीर पे लपेट दिया.
मैं बोला- आप जाइये और कपड़े पहनकर आइये.

फिर वो मुझे लगकर रोने लगी, मेरी समझ के बाहर था कि ये क्या हो रहा है. मैंने उसे सोफे पे बिठाया, तब तक वापस उसका टॉवल गिर गया था. वो वैसी ही नंगी सोफे पे बैठी थी.
मैंने उसको पानी दिया और पूछा- क्या हुआ आपको? ये मेरी गलती है कि मैंने दो तीन बार बेल बजाई, मुझे माफ कर दीजिए, ये सब मेरी वजह से हुआ है. अब मैं निकलता हूँ.. आप दूसरा टीचर देख लीजिए, मेरी वजह से किसी औरत को तकलीफ होती है, तो मुझे अच्छा नहीं लगता सोनल जी.

मैं निकलने ही वाला था कि उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली- प्रकाश, तुम सच्ची में बहुत अच्छे हो, मैंने आपको कितनी बार आपको बहकाने की कोशिश की, लेकिन आप शांत रहे, आजकल की दुनिया में कोई अकेली औरत दिखती है तो लोग कैसे झपट पड़ते हैं.. ये मुझे मालूम है, लेकिन सच्ची में आप बहुत महान हो. सच बोलूँ तो आप जैसा दोस्त मिलना मेरी खुशनसीबी है. मैं मन से बोल रही हूँ.. आइ लव यू सर.. आपके लिए मैं कुछ भी करने के लिए तैयार हूँ. मैं अपनी पूरी दौलत आप पर उड़ा दूंगी.

वो बोले जा रही थी और उसकी आँख से आंसू आ रहे थे. मैंने उसे शांत किया और उससे बोला- मैं शादीशुदा हूँ और ये गलत है.

मेरी सेक्स स्टोरी के अगले भाग में आपको सोनल की मस्त चुदाई का सीन देखने को मिलेगा. मेरे साथ अन्तर्वासना से जुड़े रहिएगा और मुझे मेल भेजना न भूलें.
[email protected]

आगे की कहानी:

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