मस्त है यह सानिया भी-8

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प्रेषक : संजीव चौधरी

करीब बारह बजे हम दोनों साथ ही नहाए और नंगे ही बाहर आए तो मैंने कहा- जल्दी तैयार हो जाओ, आज बाहर ही लंच लेंगे।

वो जल्दी ही आ गई। उसने एक सफ़ेद स्कर्ट और गोल गले का लाल टॉप पहन रखा था और पोनी टेल में बंधे बाल के साथ वो बहुत सुन्दर दिख रही थी।

मैंने आँख मारी और कहा- ऐसा जानमारूँ माल बन कर घर से निकलोगी, तो सड़क पर हंगामा हो जायेगा।

वो हँस दी और मैं उसकी मोहक मुस्कान पे फ़िदा हो उसके होंठों पर एक हल्का सा चुम्बन जड़ दिया। हम अब एक अच्छे से रेस्तराँ में गए और खाना खाया। फ़िर पास के ही एक मल्टीप्लेक्स में दो बजे के शो में एक अंग्रेजी रोमांटिक फ़िल्म देखी।

फ़िल्म में तीन शानदार बैड़रूम दृश्य थे। हॉल में इधर-उधर कई सिसकारियाँ सुनाई दे रही थी। मैंने सानिया का ध्यान एक जोड़े की तरफ़ किया। एक 21-22 साल की लड़की नीचे झुक कर शायद अपने बायफ़्रेन्ड का लण्ड चूस रही थी। हम दोनों अब बीच-बीच में उस जोड़े की हरकतों का भी मजा ले रहे थे। सानिया ने भी मेरे लण्ड को अपने हाथ से मसल मसल कर झाड़ा और जब मेरा वीर्य उसके हाथों पर फ़ैल गया तब उसने उसके चाट कर अपना हाथ साफ़ किया।

फ़िल्म के बाद हम मार्केट गए और वहाँ पर मैंने सानिया के लिए एक सुन्दर सा लाल और हरा का एक कामदार सलवार-सूट खरीदा।

तभी सानिया की अम्मी का फ़ोन आ गया कि अभी वो लोग एक सप्ताह और रुकेंगे। सुन कर हम दोनों खुश हो गए। उन्होंने जब सानिया से पूछा कि कोई परेशानी तो नहीं, तब सानिया ने मेरी तरफ़ देख कर हँसते हुए कहा कि कोई परेशानी नहीं है, चाचा मेरा बहुत ख्याल रखते हैं, मुझे बहुत प्यार करते हैं।

फ़िर भाभी जी ने मुझसे बात की और मुझसे माफ़ी माँगी कि उनके बाहर रहने से सानिया के कारण मुझे परेशानी उठानी पर रही है।

मैंने भी कहा कि वो संकोच ना करें, मुझे सानिया से कोई परेशानी नहीं है। बल्कि सानिया की वजह से अब मैं ज्यादा घरेलू हो गया हूँ, शाम में घर आने पर अच्छा लगता है। सानिया ही मुझे चाय पिलाती है बना कर। भाभी जी संतुष्ट हो गईं और फ़ोन काट दिया।

सानिया बोली- अम्मी से तो ऐसे कह रहे थे जैसे मैं आपकी बीवी की तरह चाय पिला रही हूँ आपको?

मैंने तपाक जड़ दिया- और नहीं तो क्या? न सिर्फ़ बीवी की तरह चाय पिलाती हो, अब तो रोज़ बीवी की तरह चुदाती भी हो। कहो तो यह भी कह दूँ तेरी अम्मी से?

सानिया शर्मा गई- छिः, ये बात कहीं अम्मी से कही जाती है?

फ़िर हम करीब आठ बजे डिनर लेकर घर लौटने लगे, तब सानिया ने कहा- मैंने कभी ब्लू-फ़िल्म नहीं देखी है, अगर हो सके तो एक ब्लू-फ़िल्म दिखा दो, वर्ना अपने घर जाने के बाद तो ऐसी चीज कभी देख नहीं पाउंगी।

मेरे लिए यह कौन सी मुश्किल बात थी। मैंने रास्ते से ही तीन डीवीडी अपने एक परिचित दुकानदार से ले ली। सानिया तो उनके कवर को देख कर ही खुश हो रही थी।

घर आने पर उसने तुरंत ही एक को प्लेयर में डाला और सोफ़े पर बैठ गई। मैंने रात के कपड़े पहने और फ़िर कॉफ़ी बनाने लगा। जब कमरे में आया तो सानिया को फ़िल्म देखने में मग्न पाया। सामने टीवी पर एक काली लड़की को दो काले लड़के चोद रहे थे। एक का लण्ड लड़की के मुँह में था और दूसरे का उसकी चूत में ! उसकी काली-काली चूत के चारों तरफ़ खूब झाँट थी। आह, ओह खूब हो रहा था। फ़िर दोनों बारी-बारी से लड़की की झाँट पर झड़े, तब उसकी काली झाँट पर सफ़ेद वीर्य खूब चमक रहा था। झड़ते समय ही मैं कमरे में आया था। मैंने एक कॉफ़ी मग सानिया को पकड़ाया और फ़िर वहीं सामने सोफ़े पर बैठ गया।

अगली फ़िल्म में एक लड़की का इन्टरव्यू हो रहा था। एक से एक गन्दे सवाल पूछे जा रहे थे और वो भी बेशर्म की तरह बेबाक जवाब दे रही थी। वो लड़की ब्रा-पैन्टी में थी। वो नई थी और तीसरी बार अपनी चुदाई का वीडियो बनवा रही थी, इसलिए ब्लू-फ़िल्म निर्माता उसका परिचय करा रहा था। मर्द की आवाज से शुरुआत हुई, लड़की का नाम और उमर पूछी, फ़िर उसने पूछा कि वो कब से सेक्स इन्डस्ट्री में है?

तब उसने हँस कर कहा करीब एक साल से ! पर उसने पिछले महीने से ही वीडियो करना शुरु किया, इसके पहले वो नाईट कल्ब में स्ट्रीप-डाँसर थी। जब उससे पूछा गया कि क्या उसके घरवालों को पता है कि वो क्या करती है। तब थोड़ा रुक कर उसने कहा- दुर्भाग्य से हाँ, दो महीने पहले पता चल गया। जब उसके छोटे भाई ने उसको नाईट क्लब में डाँस करते देखा। मैं जब घर आई तब मम्मी ने बहुत डाँटा और तब मैंने घर छोड़ दिया और एक दोस्त के पास आ गई। इसके एक महिने के बाद जब ठीक-ठाक पैसे का ऑफ़र मिला तो मैंने वीडियो के लिए काम करना मंजूर कर लिया। फ़िर अब जब आप अच्छे पैसे दे रहे हैं तब मैं आज आपके प्रोडक्शन के लिए काम कर रही हूँ।

तब मर्द की आवाज आई- हाँ, सो तो है, पर आज तुम्हें तीन मर्द एक साथ चोदेंगे। बहुत जबर्दस्त चुदाई होगी तुम्हारी आज। तीनों प्रोफ़ेशनल हैं, और लड़की को चोद-चोद कर बेदम कर देते हैं। हमारे दर्शकों के लिए तुम चुदवाने को तैयार हो? 19 साल की उमर में तुम शायद उन लोगों के लिए कुछ कम उमर की ही हो और कम अनुभवी भी।

वो लड़की भी हँस कर बोली- ठीक है तीन हैं तो कोई बात नहीं, जब पोर्न करना है तो ये सब क्या सोचना।

और अब जब उस मर्द की आवाज आई- और अगर यह वीडियो तुम्हारे घर के लोगों ने देख लिया तब?

वो फ़िर हँसकर बोली- तब क्या ? कुछ नहीं ! उन्हें भी मजा आए देख कर ! कोशिश तो यही करुँगी कि मेरी चुदाई देख कर उनको दूसरी कोई फ़िल्म पंसद न आए और वो बार-बार मेरी वीडियो को ही देखें।

फ़िर आवाज आई- ठीक है ! अब तुम अपने कपड़े उतारो और अपने घर वालों को और हमारे दर्शकों को भी अपने नंगे बदन की नुमाईश कराओ और देखो तुमको चोदने के लिए तीनों मुस्टंडे आ गये हैं। उसने खूब आराम से अपने कपड़े खोले और फ़िर पास आये तीनों मर्दों की तरफ़ बढ़ कर उनके पैन्ट खोल कर उनके लण्डों को बाहर खींच लिया। वो बारी-बारी से उन्हें चूस-चूस कर खड़ा कर रही थी। इसके बाद खूब जम कर उन लण्डों द्वारा उस लड़की की चुदाई हुई, बल्कि उसकी चूची, चूत, चुतड़ और गाल सब पर उसको कई थप्पड़ भी खाने पड़े, पर उसने खूब मजे लेकर चुदवाया। थप्पड़ लगने पर चीखती, फ़िर तुरंत ही उन मर्दॊं को उकसाने लगती और वो सब खूब जोर से उसको पेलते और फ़िर वो कराह उठती।

बड़ी गर्म फ़िल्म थी। मुझ जैसे अनुभवी की नसें गर्म हो गईं तो सानिया साली का क्या हाल हुआ होगा आप सब समझ सकते हैं।

इसके बाद रात को सानिया ने फ़िर मेरे साथ चुदाई का खेल खेला। साली को नई जवानी आई थी सो सब्र ही नहीं था, लगातार चुदा रही थी। दो बार चुदाने के बाद वो सोने की बात की, फ़िर हम दोनों सो गये।

अगली सुबह सानिया नंगी ही उठी और चाय बनाने चली गई। दोनों ने एक साथ बिस्तर पर बैठ चाय पीने के बाद कपड़े पहने और फ़िर रोज की दिनचर्या शुरु हुई। आज मुझे ऑफ़िस भी जाना था।

शाम को घर आने पर सानिया ने एक अनोखी बात कही।

रोज की तरह डीनर के बाद हम दोनों टहलने निकल गए और तभी सानिया ने अपने मन की बात की। उसने कहा कि वो एक बार जैसे रागिनी मेरे घर चुदाने आई थी वैसे ही किसी एकदम अनजान आदमी से चुदा कर देखना चाहती है।

यह सुन मेरा लण्ड एक झटके में खड़ा हो गया। ये साली ढंग से चार दिन नहीं चुदी थी और रन्डी बनने को तैयार थी। मुझे चुप देख वो घबरा गई, बोली- आप अम्मी-अब्बू से यह बात तो नहीं कहेंगे ना प्लीज।

उसके डरी देख मुझे मजा आया, मैं बोला- अरे नहीं बेटी, तुम डरो मत। यहाँ मेरे घर रह कर जो तुम कर रही हो वो बात तुम्हारे घर पर कोइ नहीं जानेगा। मैं तुम्हें बेइज्जत नहीं होने दूंगा।

उसको तसल्ली हुई तो फ़िर बोली- असल में चाचू, जब तक आपके घर हूँ, सब तरह का मजा कर लेना चाहती हूँ, अपने घर तो मुस्लिम कल्चर हैं इसलिए यह सब मजा लेने को नहीं मिलेगा। मैं एक दम अनजान के साथ एक बार सेक्स करना चाहती हूँ कि कैसा लगता है। आप कोई उपाय कीजिए न प्लीज।

मैंने देखा कि साली एक दम चुदास से बहक कर बोल रही है तो कहा- ठीक है देखता हूँ कि क्या कर सकता हूँ, पर तुमको ऐसा करके डर नहीं लगेगा?

वो बोली- यही डर तो खत्म करने के लिए ऐसे चुदना चाहती हूँ। आपके साथ करने में भी तो डर था, पर अपनी अन्डरवीयर दिखा कर पटा लिया ना आपको, अब जब मन होगा आपके साथ तो कर ही लूंगी। अम्मी-अब्बा को ना आप बताएँगे ना मैं।

मैं समझ गया कि अब साली बिना रन्डी बने मानेगी नहीं, तो मैंने सोचा को अब एक बार दलाली मैं भी कर लूँ। सानिया साली जैसी मस्त माल का दलाल बनना भी कम किस्मत की बात नहीं थी।

मैंने सूरी को फ़ोन लगाया-“यार सूरी, एक लड़की है, बहुत मस्त। उसको सिर्फ़ एक बार के लिए बुक कर दो आज-कल में। नहीं-नहीं घंटा वाला नहीं, फ़ुल टाईम। हाँ दिन में भी ( मैंने सानिया से इशारे से पूछा और सानिया ने हाँ की) कर सकते हो। पर उसको मर्द थोड़ा सही देना। बच्ची है। हाँ, अपनी ही समझो, घर की बच्ची है, जरा मस्ती के मूड में है। अरे यार सूरी, नहीं, मैं तो ठीक है पर उसका मन जरा पैसा कमाने का है। नहीं बस एक बार अभी। ठीक है, तुम फ़ोटो ले लो एक उसकी। किधर हो? वाह, फ़िर आ जाओ मेरे घर मैं हूँ, ओके।

मैंने अब सानिया से कहा- सूरी इसी इलाके में है, अभी आ कर तुम्हारी फ़ोटो ले लेगा, फ़िर एक दो दिन में कोई फ़िक्स कर देगा। पर तुम एक बार सोच लो।

सानिया बोली- अभी पूरा एक हफ़्ता है ना अम्मी को आने में ! तब तक तो हो जायेगा ना एक दिन कोई?

मैं उसकी बेताबी देख हैरान था। करीब आधे घन्टे बाद सूरी आ गया। मैंने सानिया को बुलाया। सूरी उसकी सुन्दरता पर दंग था। एक पल के लिए तो सन्न था सानिया के मक्खन बदन से नजर ना हट रही थी साले भड़वे की।

सानिया सर नीचे करके खड़ी थी सामने।

मैंने ही कमरे की शान्ति भंग की- यही लड़की है सूरी, कब तक सेट कर दोगे? मेरे घर तीन दिन है। (मैंने झूठ कहा, ताकि जल्दी काम हो), जिसमें एक दिन तुम इसको ले जा सकते हो।

सूरी बोला (उसकी आवाज हल्का सा लड़की जैसा लगता था)- अरे सर, ऐसी चीज के लिए तो लाईन लगा दूँगा। एकदम फ़्रेश दिख रही है, कहाँ से लाये सर?

उसकी आवाज में शरारत थी।

मैंने कहा- अरे कहा ना घर की लड़की है। यार हमेशा दूसरे की बेटी चोदता हूँ तो फ़र्ज बनता है कि अपने घर से भी थोड़ा दे दूँ दुनिया के लिए।

मैं अपनी ही बात पर हँस दिया।

वो बोला- हाँ सर, हम लोग तो धर्म का काम करते हैं, लड़के को लड़की से मिला देते हैं और लड़की को पैसे दिला देते हैं, दोनों खुश और हम भी खुश।

हम दोनों हँस दिए।

सानिया बोली- मैं पानी लाती हूँ।

और चली गई।

शायद उसको शर्म आ रही थी अब।

मैंने सूरी को बता दिया कि सानिया को मैं रोज चोद रहा हूँ, जब से वो शुरु हुई है, और अब वही चाहती है कि थोड़ा स्वाद बदल कर देखे और पैसा भी कमा ले।

मैंने कहा कि तब मुझे सूरी की याद आई कि क्यों न सूरी भी थोड़ा कमा ले, वर्ना जब लड़की का मन हो गया तो उसको चोदने वाले बहुत मिल जाएँगे।

सूरी मेरा अहसान माना और बोला- सर अगर यह हफ़्ते में एक बार भी आए ना तो मेरा 5000 पक्का हो जायेगा। तभी सानिया पानी ले कर आ गई। सूरी ने उपर से नीचे तक उसको घुरा फ़िर उसके चारों तरफ़ घूम कर उसको सब तरफ़ से देखा, बोला- बहुत सही चीज खोजी है सर आपने ! इसके एक रात की बुकिंग दस हज़ार की करुँगा कम से कम।

फ़िर सानिया से बोला- क्यों ठीक है? 10000 तुमको मिल जायेगा, पर एक बार मेरे साथ करना पड़ेगा फ़्री, मेरा कमीशन यही होगा पहली बार का। उसके बाद तुमको जो मिलेगा उस्का 20% मेरा, और मेरे लिए 500 पर शॉट। मंजूर है तो बोलो?

सूरी थोड़ा भारी बदन का था, और ऐसे तो कोई सेक्सी लड़की उससे नहीं चुदाती, पक्का। सानिया को यह सब समझ नहीं आया ठीक से, तो वो मुझे देखने लगी।

मैंने कहा- अरे बेटी, सब ठीक है, पहली बार करा लो, फ़िर बाद का बाद में सोच लेना। आगे तो तुम्हारी मर्जी है।

सानिया ने हाँ कर दी। सूरी ने उसको टॉप और पैन्ट खोलने को कहा, और फ़िर ब्रा पैन्टी में उसकी अपने मोबाईल में 3-4 फ़ोटो खींची, फ़िर चला गया।

सानिया कपड़े पहनने लगी तो मैंने कहा- क्यों अब सिर्फ़ दस हज़ार देने वाले से ही चुदाओगी क्या, फ़िर मेरा क्या होगा?

बच्ची शरमा गई, और मैं उसको अपने बाहों में उठा कर बेडरूम में आ गया।

आगे की बात आप को पता है, कि क्या हुआ होगा उस माल के साथ जब मेरे जैसा चुदक्कड़ हरामी बिस्तर पर हो तो।

कहानी जारी रहेगी, कई भागों में समाप्य !

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