चैटरूम से बैडरूम तक-1

(Chatroom Se Bedroom Tak- Part 1)

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दोस्तो, मेरा नाम रोहन है और मैं मूल रूप से दिल्ली का रहने वाला हूँ. आजकल मैं इधर एक बिज़नेस डेवलपमेंट मैनेजर के तौर पर काम कर रहा हूँ. अपनी नौकरी में मैं भारत के विभिन्न शहरों के साथ साथ, कई विदेशी शहरों की भी यात्रा करता रहता हूं. जो मित्र सेक्स चैट, फोन सेक्स या अन्य जानकारी के संबंध रखना चाहते हैं, वे मुझसे [email protected] पर संपर्क कर सकते हैं.

मैं पिछले काफी समय से इंडियन सेक्स की सबसे बड़ी साईट अन्तर्वासना की सेक्स स्टोरीज पढ़ रहा हूँ. इस पटल पर यह मेरा पहला प्रयास है. यह एक सच्ची कहानी है, हालांकि मैंने वास्तविकता में कुछ मिर्च मसाला जोड़कर उसे और ज़्यादा कामुक बनाने की कोशिश की है.

मेरा मानना है कि सेक्स के बारे में पढ़ने से भी ज्यादा आनन्ददायक उन घटनाओं के वर्णन को पढ़ना है, जिनके बाद हम अंतत: सेक्स करने तक पहुँचते हैं.

तो मेरी सेक्स चैट धीमी प्रगति के साथ एक लंबी कहानी होगी. इस कहानी से जल्दी वाले सेक्स के बारे में पढ़ने वालों को निराशा हो सकती है.

ये बात तब की है, जब मैं 22 साल का था और अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई खत्म करने के बाद, अपनी पहली नौकरी ज्वाइन करने के लिए बैंगलोर आ गया था. यह जॉब भारत की सबसे बड़ी कंसल्टिंग कंपनियों में से एक कंपनी में थी. कई दूसरे नए इंजीनियर्स के साथ मुझे भी 2 महीने की ट्रेनिंग दी गयी.

ट्रेनिंग ख़त्म होने के बाद, कुछ इंजीनियर्स को तुरंत कुछ अच्छे प्रोजेक्ट्स में असाइन कर दिया गया, जबकि अन्य को ‘ऑन-बेंच … ’ बैठा दिया गया, जिन्हें आगे शुरू होने पर वाले प्रोजेक्ट्स पर असाइन किया जाना था. हालांकि मुझे एक प्रोजेक्ट में शामिल किया गया था, लेकिन मैंने इस पर काम करने से मना कर दिया. क्योंकि इस प्रोजेक्ट में इस्तेमाल की जा रही टेक्नोलॉजी पुरानी थी, जिसका आईटी बाजार में कोई भविष्य नहीं था. इसलिए, मैनेजमेंट ने मुझे ‘ऑन बेंच … ’ बैठा दिया.

अब मुझे आगे शुरू होने वाले प्रोजेक्ट्स में से किसी एक की शुरूआत के लिए इंतजार करना था.

अपने ‘ऑन बेंच … ’ पीरियड के शुरूआती दिनों के दौरान मैं हर दिन ऑफिस जाता था और अपने एचआर से मिलकर नए प्रोजेक्ट्स के बारे में पूछताछ करता रहता था.

समय के साथ, मैंने सप्ताह के 1-2 दिनों को छोड़कर ज्यादातर समय कमरे में रहना शुरू कर दिया.

कई बार की मुलाक़ात के बाद एचआर एडमिन से मेरी कुछ दोस्ती हो गयी थी और मैं ऑफिस जाने के बजाए उसके मोबाइल पर कॉल करके यह जानकारी प्राप्त कर लेता था. इस तरह मेरा ज़्यादातर समय अपने रूम पर ही बीतने लगा.

मैं एक दोस्त के साथ रहता था, जो दूसरी कंपनी में काम करता था. जब वह अपने ऑफिस चला जाता था, तो मैं कमरे में अकेला रह जाता था. समय गुजारने के लिए मैंने कुछ पढ़ाई शुरू कर दी, लेकिन मैं कुछ समय बाद ऊब जाता था. इसलिए, मैंने इंटरनेट ब्राउज़ करना शुरू कर दिया.

उन दिनों, चैटिंग काफी लोकप्रिय थी और मैंने याहू मैसेंजर और रेडिफ बोल दोनों पर एकाउंट्स बना रखे थे. मैं हर दिन अलग-अलग चैट रूम में जाता था. लेकिन शुरूआत में, किसी भी लड़की के साथ बातचीत कुछ मिनटों से आगे नहीं बढ़ पायी थी.

एक दिन मैंने रेडिफ बोल में लॉगिन किया और बैंगलोर चैटरूम में प्रवेश किया. मैंने कुछ लड़कियों को पिंग किया लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया.

फिर कुछ मिनटों के बाद, मुझे सोनिया नाम की एक लड़की से एक संदेश मिला. मुझे अजीब लगा कि एक लड़की खुद से मैसेज कर रही है. मैंने सोचा, यह एक लड़का हो सकता है, जो मुझ पर दांव खेलने की कोशिश कर रहा है. फिर भी मैंने सोचा कि चलो बात करके देखते हैं.

मैंने देखा कि उस लड़की की चैट विंडो में लगाई गई डिस्प्ले बॉक्स में फोटो वास्तव में एक सुंदर महिला की थी.

चैट इस तरह से शुरू हुई.

सोनिया- हाय
रोहन- हाय, हाउ आर यू.
सोनिया- मैं अच्छी हूँ. हाउ अबाउट यू.
रोहन- मैं अच्छा हूँ, थैंक्स. ASL (एज, सेक्स और लोकेशन) प्लीज.
सोनिया- पहले आप.
रोहन- मैं 23, एम, बैंगलोर . … और आप?
सोनिया- मैं 30, एफ, बैंगलोर.
रोहन- वाह, तो आप भी बैंगलोर से हैं. आप से ऑनलाइन मिल कर अच्छा लगा.
सोनिया- मुझे भी.

रोहन- आप क्या करती हैं?
सोनिया- मैं एक गृहिणी हूं … और आप?
रोहन- मैं एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर हूँ.
सोनिया- वॉव … तब तो मुझे लगता है कि तुम्हें इस समय आफिस में होना चाहिए.
रोहन- नहीं, मैं अपने कमरे में हूं … क्योंकि मैं ऑन बेंच हूं.

जब उसने इसका मतलब पूछा, तो मैंने उसे समझाया कि इसका क्या मतलब होता है.

सोनिया- क्या बात है. अपनी सैलरी पाने के साथ-साथ घर पर भी समय बिता रहे हैं. आपके लिए तो अच्छा है.
रोहन- आप ऐसा कह सकती हैं, लेकिन यह जल्द ही खत्म हो जाएगा. अधिकतम एक या दो महीने बाद मुझे काम करना ही पड़ेगा.

सोनिया- तुम सारा दिन क्या करते हो?
रोहन- थोड़ा अध्ययन, कुछ सर्फिंग, कुछ चैटिंग … थोड़ा सो लेता हूँ.
सोनिया- क्यों? क्या तुम्हारे साथ बात करने या बाहर घूमने के लिए कोई प्रेमिका नहीं है?
रोहन- अगर होती, तो मैं अभी आपसे बात नहीं कर रहा होता. वैसे आप बताइए … क्या आपका कोई ब्वॉयफ्रेंड है?
सोनिया- हां, हैं मेरे पति.

रोहन- ओह माय गॉड … आपने यह नहीं बताया कि आप शादीशुदा हैं.
सोनिया- बताया था ना, कि मैं एक गृहणी हूँ.
रोहन- सॉरी … मुझे ध्यान ही नहीं रहा. क्या आपके कोई बच्चे हैं?
सोनिया- हां … एक बेटा है, जो अगले महीने 12 साल का हो रहा है.
रोहन- वो 12 साल का … ऐसा कैसे. आप 30 साल की हैं, आपका बेटा 12 साल का है. यानि कि आपने 17 साल की उम्र में शादी कर ली थी.
सोनिया- करेक्ट.

रोहन- इतनी कम उम्र में … मैं यह नहीं मान सकता कि बैंगलोर जैसे शहर के लोग भी कभी-कभी ग्रामीणों की तरह व्यवहार कर सकते हैं. वैसे, भारत में 18 से पहले शादी करना गैरकानूनी है.
सोनिया- सच में? मैंने इसके बारे में कभी नहीं सोचा था.
रोहन- हां, लेकिन चिंता मत कीजिये. आपका अपराध बहुत पुराना है. लेकिन इतनी कम उम्र में आपके माता-पिता ने आपकी शादी क्यों की? क्या वे आपसे छुटकारा पाना चाहते थे?
सोनिया- हा हा हा … नहीं, उन्होंने हमेशा मुझे बहुत प्यार किया है क्योंकि मैं उनकी इकलौती बेटी हूं.
रोहन- तो फिर क्यों?

सोनिया- दरअसल मेरी दादी उस वर्ष बहुत बीमार थीं. वह मुझे दुल्हन के रूप में देखना चाहती थीं. उनके बचने की संभावना बहुत कम थी.
रोहन- ओह्ह्ह आई सी.
सोनिया- पता है, मैंने उस साल सिर्फ बारहवीं ही पास की थी और बीएससी में एडमिशन लिया था. लेकिन दादी की इच्छा पूरी करने के लिए मुझे अपना कॉलेज छोड़ना पड़ा. मेरी शादी के एक महीने बाद दादी का निधन हो गया.

रोहन- मुझे यह जानकर दुख हुआ. लेकिन उन्हें खुश करने के लिए आपके द्वारा किए गए बलिदान की मैं सराहना करता हूं.
सोनिया- थैंक्स … ठीक है, रोहन, मुझे अब जाना है. मेरा बेटा एक घंटे में स्कूल से वापस आ जाएगा. मुझे उसके लिए खाना बनाना है. लेकिन तुमसे बात करके अच्छा लगा. उम्मीद है जल्दी ही फिर बात होगी.
रोहन- मुझे भी आपसे बात करके बहुत अच्छा लगा … टेक केयर … बाय.
सोनिया- बाय.

अब तक ऐसा कोई कारण नहीं था कि मुझे संदेह हो कि यह एक लड़का हो सकता था, जो मुझ पर प्रैंक खेल रहा था. इसके अलावा डिस्प्ले पिक पर लगी महिला की तस्वीर मुझमें दिलचस्पी बना रही थी. इसलिए अगले दिन मैं बेसब्री से उसके ऑनलाइन आने का इंतज़ार करता रहा, जब तक कि उसने मुझे पिंग नहीं किया.

सोनिया- हाय, रोहन!
रोहन- हाय, कैसी हैं आप.
सोनिया- मैं ठीक हूं, थैंक्स. तुम सुनाओ, कैसे हो.
रोहन- मैं ठीक हूं, थैंक्स. आज आपको ऑनलाइन आने में बहुत समय लगा. बहुत बिज़ी थीं क्या?
सोनिया- हां … तुम वेट कर रहे थे क्या?
रोहन- सच कहूं … कर रहा था. एक बात पूछूं आपसे?
सोनिया- ज़रूर पूछो.

रोहन- क्या यह आपकी असली तस्वीर है?
सोनिया- हां … क्यों?
रोहन- आमतौर पर चैट करते समय लोग अपनी असली तस्वीर नहीं लगाते हैं. इंटरनेट से उठा कर कोई भी आकर्षक सी तस्वीर को इस्तेमाल कर लेते हैं.
सोनिया- हां मुझे पता है. लेकिन मैंने ऐसा नहीं किया है. यह मेरा अपना फोटो है.
रोहन- अगर ऐसा है, तो मुझे कहना होगा कि आप बहुत खूबसूरत हैं. वास्तव में बहुत ही सुंदर हैं.

सोनिया ने एक स्माइली के साथ लिखा- तारीफ के लिए शुक्रिया. लेकिन मुझे लगता है कि तुम मुझे बना रहे हो. मैं इतनी भी खबसूरत नहीं हूँ.
रोहन- नहीं, मैं सच कह रहा हूँ.
सोनिया- तुम्हें अच्छी तरह पता है कि किसी महिला की तारीफ कैसे की जाती है. तुम्हारी इससे पहले कितनी गर्लफ्रेंड रही हैं?
रोहन- केवल एक और वह भी हाई स्कूल में बनी थी. पर उसके साथ ज्यादा कुछ भी नहीं था.

सोनिया- तुम्हारी डिस्प्ले पिक्चर में तो तुम काफी स्मार्ट दिख रहे हो. मुझे आश्चर्य है कि तुम्हारी कोई प्रेमिका क्यों नहीं है. यह तुम्हारी अपनी ही तस्वीर है ना.
रोहन- हां … मेरी ही है. पता नहीं क्यों … शायद इसलिए कि मैं थोड़ा शर्मीला हूं, जब भी लड़कियों को देखने और उनसे बात करने की बात आती है … तो मैं शर्मा जाता हूँ.
सोनिया- ह्म्म्मम्म … हो सकता है. कोई भी लड़की कितनी भी मॉडर्न या इंडिपेंडेंट क्यों न हो, वह हमेशा यही उम्मीद करती है कि लड़का पहले उसे प्रपोज करे.
रोहन- हां, आप सही कह रही हो.

सोनिया- तुम्हें इतना शर्मीला नहीं होना चाहिए. तुम एक मर्द हो और लड़कियां उन्हीं मर्दों को पसंद करती हैं, जिनमें मर्दों वाली बात हो.
रोहन- टिप के लिए थैंक्स. मुझे लगता है कि आपको मेरा लव गुरू बन जाना चाहिए … हा हा हा..
सोनिया- हा हा हा … नहीं नहीं. मैं कोई लव गुरू नहीं हूं. सिर्फ तुम्हें बता रही थी कि ज्यादातर लड़कियों को मर्दाना लड़के पसंद आते हैं, शर्मीले नहीं.
रोहन- ह्म्मम … तो आप मेरे बारे में क्या सोचती हैं?

सोनिया- अब तक की बातचीत से यही लगता है कि तुम एक अच्छे लड़के हो. अगर यह डिस्प्ले पिक तुम्हारा ही है, तो काफी कॉंफिडेंट और स्मार्ट हो. हालांकि, किसी को भी असलियत में मिले बिना सही अंदाज़ा नहीं लगाया जा सकता … हो सकता है तुम असल में चम्पू निकलो.
रोहन- चम्पू?
सोनिया- हा हा हा … हां, चंपू यानि शर्मीला.
रोहन- हा हा हा … अजीब बात है. वैसे, मुझे लगता है कि हमें मिलना चाहिए ताकि आप यह पता लगा सकें कि मैं चंपू हूं या नहीं.
सोनिया- देखेंगे.

उसके बाद, हमने ऑफ़लाइन होने से पहले कुछ और समय के लिए बातचीत की. चीजें धीरे-धीरे आगे बढ़ रही थीं और मैं इस महिला से मिलने के लिए और अधिक उत्साहित हो रहा था. हालांकि, मैं मिलने के लिए उत्सुकता दिखाकर इस मौके को बर्बाद नहीं करना चाहता था, इसलिए मैं थोड़ा सब्र से काम ले रहा था. हालांकि मैं यह भी सुनिश्चित करना चाहता था कि यह कोई लड़का मुझ पर प्रैंक न खेल रहा हो, इसलिए मैंने सोचा कि उसे खुद को वेबकैम पर दिखाने के लिए कहूंगा.

हर दिन वह 11 के आसपास ऑनलाइन आती थी, लेकिन उस दिन वह 12 बजे तक ऑनलाइन नहीं आई. जैसे ही वह ऑनलाइन हुई, मैंने उसे पिंग किया.

रोहन- हैलो ब्यूटीफुल. आज काफी देर हो गई. उम्मीद करता हूँ कि सब कुछ ठीक है.
सोनिया- हां सब ठीक है. बस कुछ खरीदारी के लिए गयी थी. मुझे कुछ कपड़े खरीदने थे.
रोहन- वॉव … तो आपने कौन से कपड़े खरीदे?
सोनिया- ज्यादा कुछ नहीं. कुछ ख़ास आइटम्स नहीं थे. मैंने सिर्फ एक स्कर्ट, एक जीन्स-टॉप और एक लेगिंग खरीदी.

रोहन- बस इतना ही?
सोनिया- हां बस इतना ही समझो.
रोहन- समझो?
सोनिया- कुछ और आइटम भी थे.
रोहन- क्या आइटम?
सोनिया- अय्यो रोहन छोड़ो ना. तुम सुनाओ … कैसे हो.
रोहन- नहीं … पहले मुझे बताइए … और कौन से आइटम्स लिए आपने.
सोनिया- तुम बहुत जिद्दी हो.
रोहन- प्लीज बताइये ना.
सोनिया- मैंने बी एंड पी (ब्रा पेंटी) के 2 सैट खरीदे.

इसी के साथ उसने ब्लशिंग स्माइली भेज दी. हालांकि मैं समझ गया था कि बी एंड पी का क्या मतलब होता है. मगर तब भी मैंने उससे छेड़ने के ख्याल से पूछा.

रोहन- बी एंड पी? वह क्या होता है?
सोनिया- तुम सच में चम्पू हो … इतना भी नहीं जानते?
रोहन- सच कह रहा हूँ. मैं वास्तव में नहीं जानता.
सोनिया- बी एंड पी का अर्थ है महिलाओं के अंडरगारमेंट्स की एक जोड़ी.

रोहन- एक जोड़ी?
सोनिया- अच्छा बस … और कुछ मत पूछो. मुझे शर्म आ रही है.
रोहन- प्लीज मुझे बताओ ना … आपका एक जोड़ी से क्या मतलब है?
सोनिया- अय्यो रोहन … बी एंड पी का अर्थ है ‘ब्रा और पैंटी.’
रोहन- ओह, इसीलिए इसे बी एंड पी कहा जाता है … समझाने के लिए थैंक्स.

सोनिया- आपका स्वागत है मिस्टर चम्पू.
रोहन- मिसेज ब्यूटीफुल, मैं चम्पू नहीं हूं.
सोनिया- बेशक हो … तुम्हें औरतों के बारे में इतनी बेसिक चीज़ों का भी नहीं पता.
रोहन- मुझे बहुत कुछ पता है मैडम.

सोनिया- ओह सच में? चलो देखते हैं कि तुम क्या जानते हो … बताओ.
रोहन- ब्रा शरीर के ऊपरी भाग पर पहनी जाती है और पैंटी निचले पर.
सोनिया- ये तो दूध पीते बच्चों को भी पता है मिस्टर चम्पू.
रोहन- मैं और भी बहुत कुछ जानता हूं, लेकिन मैं ज़्यादा कुछ कहूंगा … तो आपको शर्म आने लगेगी, क्योंकि आपको बहुत जल्दी शर्म आने लगती है.
सोनिया- ओह्ह्ह … तुम मेरी चिंता मत करो. बताओ कि तुम क्या क्या जानते हो.
रोहन- आप पूछिए जो भी पूछना है, मैं आपको जवाब दूंगा.

सोनिया- ठीक है ये बताओ … केवल महिलाएं ही ब्रा क्यों पहनती हैं और पुरुष नहीं. ऐसा क्यों?
रोहन- क्योंकि वो सिर्फ महिलाओं के ही होते हैं, मर्दों के नहीं.
सोनिया- वो क्या?
रोहन- आप सच में चाहती हैं कि मैं इसका जवाब दूँ?
सोनिया- हां.
रोहन- पक्का?
सोनिया- हां बाबा … अब बोलो.

रोहन- क्योंकि सिर्फ महिलाओं के बूब्स होते हैं, पुरुषों के नहीं.
सोनिया- हे भगवान … बहुत बेशर्म हो तुम.
रोहन- सॉरी, आपने ही मुझे इसका उत्तर देने के लिए कहा था.
सोनिया- अच्छा ठीक है, अब कुछ और बात करो.
रोहन- कुछ और क्यों. आप असहज महसूस कर रही हैं?
सोनिया- असहज नहीं रोहन … बस …
रोहन- ठीक है, अगर आपको इस बारे में बात करना पसंद नहीं तो मैं ज़ोर नहीं दूंगा.
सोनिया- रोहन, ऐसी बात नहीं है. बस मुझे शर्म आती है.
रोहन- तो क्या हुआ. शरमाते शरमाते ही बात कीजिये ना.

थोड़ी देर के लिए चुप्पी हो गई थी.

रोहन- अच्छा ठीक है. मैं रहने देता हूँ ये बात.
सोनिया- रोहन …
रोहन- हम्म …
सोनिया- आज नहीं, फिर किसी दिन. प्लीज …
रोहन- नो प्रॉब्लम मिसेज ब्यूटीफुल … लेकिन एक चीज है, जो आपको मेरे लिए अभी करनी पड़ेगी …
सोनिया- क्या?
रोहन- अपनी नई स्कर्ट पहनो और मुझे दिखाओ.
सोनिया- दिखाओ? कैसे?
रोहन- वेब कैमरा के माध्यम से.

वह फिर चुप हो गईं.

रोहन- क्या हुआ. क्या आप मुझे अपनी नई स्कर्ट नहीं दिखाना चाहती हैं?
सोनिया- ऐसा नहीं है. मैंने वेबकैम से कभी चैट नहीं किया. मुझे इस लैपटॉप के बारे में ज़्यादा पता नहीं है.
रोहन- कोई प्रॉब्लम नहीं है. ये बहुत आसान है. मैं आपको गाइड करूँगा.
सोनिया- ठीक है. मुझे 5 मिनट दो. मैं अभी आती हूँ.

वह शायद कपड़े बदलने चली गयी थी और मेरे दिल की धड़कन तेज़ होने लगी थी. अंततः मैं इस खूबसूरत महिला को कैम पर लाइव देखने जा रहा था.

मैं बेसब्री से इंतजार कर रहा था. अंत में, लगभग दस मिनट के बाद, मुझे सोनिया का मैसेज मिला.

सोनिया- मैं तैयार हूं

दुर्भाग्य से, मेरे अपने पीसी के साथ कोई स्पीकर या माइक नहीं था, इसलिए वॉइस चैट संभव नहीं था. मैंने उसे एक वेब कैमरा आमंत्रण भेजा और उसने इसे स्वीकार कर लिया. वेबकैम ने आखिरकार उसकी तस्वीर दिखाना शुरू कर दिया … उसे देखकर मैं सन्न रह गया …

वह बेहद खूबसूरत थी.

सोनिया- रोहन, क्या तुम मुझे देख सकते हो?

मैं उसे देखकर मंत्रमुग्ध सा बैठा था. वह बहुत ही सुंदर, बेहद गोरी और बला की सेक्सी महिला थी.

सोनिया- हैलो, रोहन???
रोहन- आआं हह हह हां … मैं यहीं हूँ …
सोनिया- क्या हुआ. क्या तुम मुझे देख सकते हो?
रोहन- आ हह हह हां … देख पा रहा हूँ.
सोनिया- अच्छा … लेकिन मैं तो तुम्हें नहीं देख पा रही.
रोहन- वो इसलिए क्योंकि मैं एक पीसी यूज़ कर रहा हूं और मेरे पास वेब कैमरा नहीं है
सोनिया- सच में? ये तो ना इंसाफ़ी है.

मैं उसकी ख़ूबसूरती को निहारने में इस कदर खोया हुआ था कि वह क्या कह रही है, उस पर मेरा ध्यान ही नहीं जा रहा था.

सोनिया- रोहन … हैलो.
रोहन- हां … अरे ठीक है बाबा, मैं जल्दी ही एक वेबकैम खरीद लूंगा.

सोनिया- अच्छा ठीक है. लेकिन तुम इतना स्लो क्यों रिप्लाई कर रहे हो.

रोहन- आप सच में जानना चाहती हो?
सोनिया- हां. क्या हुआ?
रोहन- आपकी वजह से. मैं आपकी खूबसूरती को देख कर सन्न रह गया हूँ. कोई इतना खूबसूरत कैसे हो सकता है. मैंने अपनी पूरी ज़िन्दगी में कभी इतनी खूबसूरत लड़की नहीं देखी … मैं आपके चेहरे से अपनी नज़रें नहीं हटा पा रहा हूँ.

सोनिया ने शरमाते हुए वाली स्माइली के साथ लिखा- अच्छा बस … तुम तो मुझे तिल के ताड़ पर चढ़ा रहे हो.
रोहन- मैं वही कह रहा हूँ, जो मैं महसूस कर रहा हूँ.
सोनिया- अच्छा ये बताओ, मेरी ड्रेस कैसी लगी?
रोहन- हम्म्म्म … ठीक से देखनी पड़ेगी. आप थोड़ा पीछे हट कर खड़ी हो जाओ. वेबकैम से थोड़ा दूर.

वह पीछे हट कर खड़ी हो गयी. मैं अब जो देख रहा था, वो किसी सपने से कम नहीं था. वह सामने पिंक और सफ़ेद कलर की टॉप स्कर्ट पहन कर खड़ी थी, थोड़ी टाइट फिटिंग की टॉप थी. स्कर्ट उसके घुटनों से बस थोड़ा सा नीचे तक आ रही थी. वह थोड़ी भारी ज़रूर थी लेकिन उसके बदन की बनावट इतनी परफेक्ट थी कि फ़्लैश डिस्ट्रीब्यूशन एकदम सही जगहों पर था.
उसका पेट एकदम सपाट था. सबसे ज़्यादा आकर्षक और सेक्सी उसके चुचे थे, जो उस टाइट टॉप में दो तीरों की तरह सीधे तने हुए थे. उन्हें देख कर तो मैं हिल ही गया था. टॉप स्लीवलैस थी और उसकी मांसल नरम नरम बांहें बहुत ही खूबसूरत और सेक्सी दिख रही थीं.

इस सेक्स चैट के अगले भाग में आपको सोनिया और मेरी प्यार भरी दास्तान और भी खुले हुए रूप में मिलेगी. आप अपने मेल जरूर भेजिएगा.
[email protected]
कहानी जारी है.

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