मेरा गुप्त जीवन- 117

(Mera Gupt Jeewan- 117 Dancer Ki Chut Chudai Aur Chhedchhad)

2015-12-11

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डांसर की चूत चुदाई और छेड़छाड़

फिर उसने अपने गरम होंट मेरे होंटों पर रख दिए और एक बहुत ही कामातुर जफ्फी मारी।
मैं थोड़ा घबरा के बोला- यह क्या कर रही हो जूली?
जूली बोली- मैं तुमको फक करना चाहती हूँ!
मैं बोला- अच्छा! फक करना चाहती हो तो आओ फिर, देख क्या रही हो?
जूली बोली- क्या तुम नहीं चाहते मुझको फक करना?

मैं बोला- चाहता तो बहुत हूँ लेकिन क्या यह उचित समय होगा? बाहर तुम्हारी मैडम है, वो कहीं पकड़ ना लें, इसका डर नहीं है क्या?
जूली बोली- डर तो है पर क्या करें फिर?
मैं बोला- इन दोनों को जाने दो। फिर मैं तुमको जितना तुम चाहोगी उतना फक कर दूंगा।
जूली बोली- ठीक है अभी हम सिर्फ छेड़छाड़ कर लेते हैं.
मैं बोला- ठीक है लेकिन तुम्हारी रूम पार्टनर भी तो आ सकती है ना?
जूली बोली- आने दो साली को, उसको भी लंड चाहिए और वो भी गाँव का मज़बूत लंड!

फिर उसने पैंट से मेरा लौड़ा निकाल कर देखना शुरु किया, जूली हैरानी से बोली- अरे यह तो खड़ा है… कितना बड़ा होगा यह?
मैं बोला- यही कोई 7 इंच से कुछ ज़्यादा है।

अब मैं भी जूली के चूचे मसलने लगा, उसके मुम्मे काफी गोल और सॉलिड लग रहे थे। उसने फ्रॉक ड्रेस पहनी हुई थी और उसका फ्रॉक

केवल उसके घुटनों तक ही था।
मैंने भी झट से उसके ड्रेस के नीचे अपना एक हाथ डाल दिया और उसकी पैंटी के ऊपर से उसकी चूत पर हाथ फेरने लगा।

अब जूली बैठ कर मेरे लंड को लपालप चूसने लगी और मैं भी उसके मुम्मों को उसकी फ्रॉक से बाहर निकाल कर सहलाने लगा।
थोड़ी देर में मुझको लगा कि किसी ने कमरे का दरवाज़ा खोला और चुपचाप हम को देख रही है।
मैंने झट मुड़ कर देखा तो वो एक गोरी सी लम्बी लड़की वहाँ खड़ी थी और हमको बड़े ध्यान से देख रही थी।

जूली बोली- आओ सैंडी, देखो गाँव का छोकरा है कितने मोटे कॉक के साथ!
मैंने सैंडी की तरफ देखा, वो काफी गोरी और सुडौल बदन वाली लड़की थी, उसने भी फ्रॉक पहन रखा था।

सैंडी बोली- यह तो सोमू है, यहाँ का मैनेजर… इस के साथ क्या कर रही है जूली? ज़मींदार साहिब का लड़का है यह, पकड़ी गई न, तो

वो लोग तुझको छोड़ेंगे नहीं।
मैं बोला- रिलैक्स गर्ल्स, यहाँ कोई नहीं पकड़ता किसी को और मुझ को तो पकड़ने की किस में हिम्मत है! अच्छा अब बताओ क्या सैंडी

भी फक करेगी मुझको?

जूली ने सैंडी से पूछा- क्यों सैंडी, क्या मरजी है? फक करना है इसको?
सैंडी बोली- अरे इस छोटे से छोकरे को क्या फक करना है जूली। तू भी ना हर किसी से फक करवाने के लिए तैयार हो जाती है?
जूली ज़ोर से हंस पड़ी और सैंडी को कहा- इधर तो आ सैंडी, तेरे को कुछ दिखाना है!

सैंडी बड़ी बेदिली से जूली के पास गई और बोली- क्या री? क्या दिखाना चाहती है?
जूली मेरा खड़ा लौड़ा निकाल कर सैंडी को दिखाने लगी। सैंडी मेरा खड़ा लंड देख कर अचरज में पड़ गई और उसको अपने हाथ में लेती

हुई बोली- यह असली है या नकली है?
मैं बोला- जूली सैंडी, तुम दोनों फैसला करो, नहीं तो मैं तो जा रहा हूँ।
और यह कह कर मैं अपने लौड़े को पैंट के अंदर डाल कर पैंट के बटन बंद करने लगा।

यह देख कर जूली मेरे लंड को फिर से निकाल कर उसको चूसने लगी।
सैंडी भी उसके पास आई और बोली- जूली, प्लीज थोड़ा मुझको भी चूसने दे न प्लीज!

मैंने कहा- सैंडी मैडम, यू आर नोट परमिटेड टू टच इट! जब तुमको मेरे लंड पर विश्वास नहीं तो प्लीज इसको हाथ मत लगाना। आओ

जूली हम फक करें!
मैं अब जूली को डीप किस करने लगा और साथ में उसके चूतड़ों को सहलाने लगा और फिर उसकी पैन्टी को नीचे खिसका कर उसको

बेड पर झुका कर मैं उसको पीछे से चोदने लगा।

सैंडी भी नज़दीक आकर सारा तमाशा देखने लगी। मेरा लौड़ा कैसे जूली की चूत में अंदर बाहर हो रहा था, यह सैंडी देख रही थी और

अपनी ऊँगली पैंटी के ऊपर से अपनी चूत पर चला रही थी।

मैंने जूली के दोनों नंगे चूतड़ों को कस कर अपने हाथों में पकड़ा हुआ था और पूरे जोश-औ-खरोश के साथ उसकी चूत चुदाई में मग्न

था।
सैंडी ना जाने कब मेरे पीछे आकर मेरे अंडकोष से खेलने लगी लेकिन मैं बेखबर हुआ धक्के मारने में लगा हुआ था। जब मैंने महसूस

किया कि जूली अब झड़ने के करीब है तो मैंने धक्कों की स्पीड बेइंतहा बढ़ा दी, चंद ही मिनटों में जूली के शरीर की सिहरन एकदम से

तेज़ हो गई और वो बहुत ही जल्दी ‘ओह माय गॉड…’ कहती हुई झड़ गई।
वो बेड में पूरी तरह से झुक गई और मैं भी उसके ऊपर पसर गया।

फिर मैं उठा और अपने लंड को पैंट के अंदर कर के कमरे के बाहर जाने लगा तो सैंडी मेरे सामने आ गई और बोली- मेरा भी कर दो न

प्लीज सोमू?
मैं बोला- नहीं सैंडी, आज नहीं, फिर कभी सही… टेक केयर, बाई जूली!

मैं वहाँ से निकल कर बैठक में आ गया और देखा कि डांस का रिहर्सल चल रहा था और किसी का तो ध्यान नहीं था लेकिन अपनी

कम्मो ने मुझको सवालिया निग़ाहों से पूछा कि कहाँ थे अब तक?
मैंने भी हाथ के इशारे से बता दिया कि सब ठीक है।
जूली और सैंडी भी आ गई थी कमरे में।

ज़्यादातर लड़कियों ने कमीज और चूड़ीदार पजामी या फिर सलवार पहन रखी थी रिहर्सल के टाइम और उन सबके मुम्मे खुले हुए थे

उनकी कमीज़ों में, उनका हिलना और उछलना डांस के स्टेप्स के साथ मुझ को बड़ा ही आनन्द दे रहा था।
काला हीरा यानि देवकी भी डांस देख रही थी और एक बार जब हमारी नज़र मिली तो मैंने उसको हल्के से आँख मार दी और यह देख

कर देवकी की बांछें खिल उठी थी।

जब डांस चल रहा था तो उनमें से कुछ लड़कियाँ अपनी बारी की इंतज़ार कर रही थी और उन में से तीन लड़कियाँ, मुझको लगा, धीरे

धीरे मेरे सामने आकर खड़ी हो गई थी।
मैंने कोई ख़ास ध्यान नहीं दिया लेकिन जब वो आहिस्ता से मेरे नज़दीक आने लगी तो मुझको शक हुआ कि कहीं ये मेरे पास तो नहीं

आना चाहती हैं?

अब मैंने महसूस किया कि उन दोनों ने अपने चूतड़ मेरे आगे जोड़ दिए थे और वो बहुत ही धीरे से मेरे लंड को टच करने की कोशिश

कर रही थी।
अब मैं भी अपनी कमर को उनके चूतड़ों के साथ घिसने लगा और मेरा लंड जो फिर खड़ा हो गया था वो उनको टच कर रहा था।
मैंने दोनों को ध्यान से देखा, दोनों ही काफी लम्बी और सुडौल शरीर वाली थी। उन्होंने भी वो डांस वाली ड्रेस पहन रखी यानि सलवार

कमीज, वो भी बहुत ही टाइट।

मैं उनके चूतड़ों पर हाथ रख कर धीरे से उनको सहलाने लगा और वो दोनों यह देख कर और भी करीब आ गई।
अब मैंने अच्छा मौका देख कर बोला- मैं हूँ सोमू, आप लोगों का मैनेजर, इस कॉटेज में अगर कोई भी प्रॉब्लम हो तो बताना ज़रूर।
दोनों ने पीछे मुड़ कर मेरी तरफ देखा और अपना हाथ बढ़ा दिया मुझसे मिलाने के लिए!
मैंने भी उनसे हाथ मिलाया और तभी उनमें से एक लड़की ने मेरे हाथ में हल्की सी खुजली कर दी और मैं समझ गया कि ये दोनों तो

तैयार हैं।
उनमें से ज़्यादा सुन्दर लड़की ने कहा- मेरा नाम सुनंदा है और इसका नाम रागिनी है और हम दोनों ही डांसर हैं।
मैंने भी उनके कान के पास मुंह ले जाकर कह दिया- आप दोनों बहुत सुन्दर और काफी स्मार्ट लग रही हो।

दोनों बहुत ही खुश हो गई मेरी इस तारीफ से और दोनों ने एक दिलरुबा मुस्कान मेरी तरफ बखेर दी।
तभी रूबी मैडम ने उन दोनों को आवाज़ दी और दोनों जल्दी से डांस फ्लोर पर चली गई।

उनके जाने के बाद मैं थोड़ी देर के लिए किचन भी गया और वहाँ काम कर रही औरतों और लड़कियों से बातचीत की और देखा कि

कौन सी लड़की या फिर औरत नई आई है।
दो तीन औरतें मुझको नई लगी और फिर मेरी नज़र दुल्हनिया पर पड़ी जिसकी चूत का द्वार मैंने खोला था, वो मुझको देख कर

मुस्करा दी और जवाब में मैं भी मुस्करा दिया।

वहाँ से घूम कर मैं फिर डांस रिहर्सल को देखने खड़ा हो गया। मैं जहाँ खड़ा था, वहाँ कुछ डांसर लड़कियाँ भी खड़ी थी और मैं उनके

पीछे थोड़ा हट कर खड़ा हो गया।
कुछ देर बाद वो लड़कियाँ भी पीछे होते हुए मेरे एकदम आगे आकर खड़ी हो गई और मुझको समझते देर नहीं लगी कि इनको भी मेरे

बारे में खबर लग चुकी है।

मैं चुपचाप खड़ा था और अपनी तरफ से कुछ भी नहीं कर रहा था लेकिन थोड़ी देर बाद मैंने नीचे देखा तो उन लड़कियों में से एक का

बायां हाथ मेरी पैंट के ऊपर से मेरे लंड को ढूंढ रहा था।
जब उसको मेरे लंड का आभास मिल गया तो वो हाथ पहले धीरे धीरे से उसको बाहर से फील कर रहा था, लेकिन जैसे ही मेरा लौड़ा

अकड़ गया तो उसने अपना हाथ खींच लिया।
जल्दी ही उस लड़की के हाथ को एक दूसरी लड़की के हाथ ने रिप्लेस कर दिया और पहले वाली लड़की वहां से ज़रा हट गयी और वो

दुसरे हाथ वाली ने उस की जगह ले ली.
अब मैं ने देखा आगे खड़ी तीनो लड़कियां ने मिल कर एक दिवार सी बना दी मेरे आगे ताकि कोई उन के हाथ की हरकत को ना देखा

सके.
क्यूंकि मैं तो इस सारे कार्यक्रम में आनंद ले रहा था सो उन को मेरी तो फ़िक्र थी नहीं बाकी कोशिश यह थी कि कोई आगे वाला न

देख रहा हो.
अब हाथ वाली लड़की ने मेरी पैंट के बटन खोलने शुरू कर दिए और उस को कुछ मुश्कल होते देख कर मैं ने ही पैंट के बटन खोलने

में उन को थोड़ी सहायता देनी शुरू कर दी.
उस लड़की के गोरे हाथ ने मेरा लंड को मेरे अंडरवियर के अंदर से निकाल कर उस को ऊपर नीचे करना शुरू कर दिया था.
यह देख कर मैं भी कुछ मज़ा लेने के खातिर उस के चूतड़ों को छूने लगा और फिर आहिस्ता से अपनी ऊँगली उस की गांड से होते

हुए उस की उभरी हुई चूत में डालने की कोशिश करने लगा.
उस ने पैंटी पहन रखी थी सो ऊँगली ज़्यादा दूर तक चूत के अंदर नहीं जा सकी लेकिन मैं पैंटी के बाहर से ही मसलने लगा.
दूसरा हाथ दूसरी लड़की के नितम्बों पर फेरने लगा.
तीनो ने मुझ को इस तरह घेरा हुआ था कि मैं कुछ भी करूँ वह सामने वालों को नहीं दिख रहा था.
बारी बारी से तीनो ने मेरे लौड़े को फील किया और कुछ समय उस के साथ खेल कर वो तीनो एक दुसरे के सुपर्द कर रही थी, बड़े ही

संयम और यत्न से वो यह सेक्सी खेल मेरे लौड़े के साथ खेल रही थी।
मेरे मुंह अपने आप उस समय निकल गया-माशाल्लाह क्या आपसी जोड़ और जुगाड़ है यारो वाहा वाहा।
हमारा यह खेल कुछ देर तो ठीक चला लेकिन फिर रूबी मैडम की पैनी नज़र से हमारी यह खेल की छुपी हरकत और ज़्यादा ना छुप

सकी और उस ने उन तीनो लड़कियों को अपने पास बुला लिया।
लेकिन मैं वाकये में उन तीनो से एक दम बहुत ही ज़्यादा प्रभावित हुआ जब वो तीनो ने मिल कर मेरी पैंट के अंदर मेरा लौड़ा डाल

कर पैंट के खुले बटन भी बंद कर दिए और फिर वो तीनो वहां से हटी!

कहानी जारी रहेगी।
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