मुझे रण्डी बनना है-10

(Mujhe Randi Banna Hai-10)

2009-02-01

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अपनी पैंट उतारी और चड्डी निकालकर अपनी फ़ुद्दी को सहलाना चालू किया और अपने ही हाथों से अपने बड़े-बड़े नारियल जैसे स्तनों को सहलाना चालू किया। उसने इधर उधर देखा तो उसे मौसी का खिलौने वाला लौड़ा दिखा जिसे मौसी ने जानबूझ कर रखा था। उसने उसे लेकर अपनी फ़ुद्दी में डाल दिया।

यह देखकर मौसी बोली- देखा साली को? अभी तो सिर्फ चड्डी उतरी है ! साली राण्ड ने छाती नहीं खोली! अब देखना कैसे गिड़गिड़ाएगी मेरे पास आकर चुदवाने के लिये। आज ही बंदोबस्त करती हूँ किसी कस्टमर का इसके लिये।

थोडी ही देर में डोना नीचे आकर बोली, उसके कपड़ों का कोई ठिकाना न था- मौसी, सहन नहीं होता ! क्या करूँ?

मौसी नाटक करते हुये- किस चीज का?

डोना अब रण्डीपन पर उतर आई और बोली- मौसी, मुझे भी ऐसा मस्त लौड़ा चाहिये ! बहुत दिन हो गए मैंने लौड़ा नहीं लिया ! गोवा में चार महीने पहले एक 50 साल के आदमी से चुदवाया था, वो मेरी पहली चुदाई थी मगर उसने मुझे खुश नहीं किया था। मुझे भी जूली के जैसे चुदवाना है। मैं तीन महीने के लिये आई हूँ और बार-बार आना है मुझे ! यहाँ मुझे सुरक्षित लग रहा है, मेरे बारे में किसी को पता नहीं चलेगा।

देख मौसी, मैं 10,000 लूँगी पहले ग्राहक से ! मूहुर्त में नाटक नहीं चाहती मैं ! 3 घण्टे से ज्यादा नहीं दूँगी, उसको बोल कर रखना।

मौसी मेरे कान में बोली- राजू देखा इसे? साली अपने काम की चीज निकली ! साली बहुत तड़प रही है लौड़ा लेने के लिए। बहुत तड़पाऊँगी उसे फिर दूँगी कस्टमर।

फ़िर मौसी डोना को बोली- हाँ हाँ ! वैसे ही होगा पर सुन ! मैं 2000 रुपल्ली लूँगी।

डोना- अरे, यह तो आपका हक है मौसी। पर एसी कमरा ही चाहिए। चलो मुझे अब थोड़ा आराम करने दो, तुम दोनों जाओ।

मैं और मौसी एक दूसरे को देखते ही रह गए।

मौसी- साली पहले से ही चुद चुकी है ! कौन देगा इतने पैसे?

मैं- अरे बुला न तेरे राजा बाबू को। बोल रहा था न कि मुझे बुलाना।

जूली- क्या हुआ? साली को भड़वों से चुदवाएँ?

मौसी- चुप साली ! वो तो सुनीता और तुझसे भी चुदक्कड़ है। देख साली कैसे तड़प रही है..

मौसी ने दोबारा सीसी टीवी चालू करके जूली को दिखाया। डोना अपने भोसड़े को सहलाते हए सीत्कार कर रही थी।

जूली- मौसी, अब मत देर कर ! चढ़वा दे इस पर कोई मजबूत कस्टमर ! मुझे तो लगता है साली एक साथ 3-4 कस्टमर ले लेगी। साली हमसे ज्यादा चहेती राण्ड बनेगी तेरी ! मौसी, आज उसको कस्टमर दे, फिर एक घण्टे के लिए मैं इसके साथ खेलूँगी। मेरे गाँव की है तो मुझे दलाली के बदले पहले दिन उसके साथ सेक्स करना है।

मौसी- हाँ बाबा हाँ ! पहले मुझे राजा बाबू को बुलाने दे।

मौसी ने राजा बाबू को फोन किया और बताया कि उनके लिए एक मस्त रण्डी आई है, देखते ही लौड़ा कड़क हो जाएगा।

थोड़ी ही देर में राजा बाबू किसी आदमी को लेकर आ गया।

राजा बाबू- मौसी, लो हम आ गए। यह मेरा दोस्त उस्मान है कलकत्ता से आया है। बोल रहा था कुछ आईटम दिखाओ तो मैं इसे ले आया। क्या तेरी वो रण्डी हम दोनों को एक साथ लेगी? बुलाओ उसे, देखें तो सही।

मौसी- देखना क्या? अब सीधे नंगी करके चोदना ना.. साली के नारियल दबाते दबाते थक जाओगे।

इतने में डोना टाईट सफ़ेद लेगिंग और उस पर सफ़ेद टाईट बिना बाहों की बनियान पहन कर आ गई जिसमें से नारियल उछल कर बाहर आने के लिए बेताब थे।

आते ही मौसी ने उसकी पहचान कराई। उसने राजा बाबू का चुम्बन लिया और उसे आँख मारी और उस्मान का लौड़ा दबा दिया।

मौसी- क्या ख्याल है? ठीक है?

राजा बाबू- मौसी तू ना हीरे ही पकड़ कर लाती है। उस्मान, क्या ख़याल है?

उस्मान- अरे, रात भर न हम सोयेंगे न इस साली राण्ड को सोने देंगे।

डोना- देखती हूँ तुम दोनों भड़वों में कितनी ताकत है? एक ही शॉट में लुढ़क मत जाना। मुझे जम कर चुदवाना है।

राजा बाबू- कितना पैसा लेगी?

डोना- मौसी से सुना है कि तुम पुराने कस्टमर हो इसलिए तुम दोनों के मैं 15,000 रुपए लूंगी ! बोलो है मंजूर?

उस्मान- हाँ हाँ ! मैं देता हूँ.. फिकर मत कर। खुश हुआ तो सुबह जाने के वक्त 2,000 रुपए और दूंगा। मगर इक साथ दोनों को लेना होगा।

डोना- चलेगा ! कोई बात नहीं, चलो कमरे में ! मौसी, ए सी चालू कर दो और 2 बोतल व्हिस्की और कुछ चना-चबैना भेज दो ! पैसे मैं दूँगी।

यह देखकर मैं, मौसी और सारी रण्डियाँ चौंक गईं। सोचा था कि डर जायेगी, यहाँ से भागने की कोशिश करेगी, फिर उसे धंधे के लिए डरा धमका कर तैयार करना पड़ेगा, जबरदस्ती करनी पड़ेगी। पर यहाँ तो उल्टा हुआ। उसने दोनों की कमर में हाथ डाला और ले गई कमरे में।

सामने की दुकान से नौकर आकर कमरे में बोतल और नाश्ता छोड़ गया। डोना ने उसे हिसाब से ज्यादा पैसे दिए और बोली- बाकी के तुम रख लो। कभी कोई कस्टमर भी भेज देना। दलाली दे दूँगी !

वो हाँ बोलकर चला गया।

थोड़ी देर में शराब और शबाब ने रंग दिखाना चालू किया। हम सब टीवी में देख रहे थे।

डोना उस्मान की गोद में उसकी तरफ मुँह करके बैठ गई और राजा ने पीछे से उसके नारियल को सहलाना शुरू किया। फिर उसने उस्मान और राजा के कपड़े उतारे और दोनों को पलंग पर बिठाकर बारी-बारी दोनों के लौड़े चूसने शुरू किये..

थोड़ी देर बाद :

डोना- मेरे बदन में आग लगी है, मुझे नंगी करो !

राजा ने उसकी लेगिंग निकाली और उसकी डोरी टाइप चड्डी उतारी। उस्मान ने उसकी बनियान उतारी और ब्रेज़ियर उतारी, जिसके खुलते ही नारियल एकदम उछल कर बाहर आये। डोना ने राजा को सामने खड़ा किया और खुद उस्मान की गोद में राजा के तरफ मुँह करके बैठ कर लौड़ा चूसने लगी और उस्मान को छाती के साथ खेलने के लिए कहा।

बाहर यह देखकर मेरे लौड़े ने बाहर आने की कोशिश शुरू की।

मौसी- राजू, बोल क्या ख्याल है?

मैं- मौसी, मैं इसको चोदे बगैर नही जाऊँगा। मैं सुनीता को समझाता हूँ..

मौसी- मेरे लिए तो अच्छा है। फिलहाल मुझे शान्ति से उसकी चुदाई देखने दे, कोई गड़बड़ न हो जाए। नई राण्ड है न? वो साले उसे काट न लें ! वो क्या है ना कि सेक्स के मारे लोग रण्डियों को काट लेते हैं और बवाल मच जाता है।

इधर डोना पूरी ताकत के साथ पूरी रण्डी बनकर दोनों को मज़े देने में जुट गई। राजा की गर्दन में हाथ डाल कर उसने उस्मान को चोदने के लिए कहा। उसने आहिस्ता से लौड़ा उसके भोसड़े में घुसेड़ दिया और फिर दोनों टांगों को हाथों से पकड़कर चोदने लगा।

डोना- चोद मेरे बहादुर ! बराबर है, चालू रख। अरे राजा, तू एक हाथ से मेरी चूचियों को दबा ना ! आज मेरे भोसड़े की प्यास बुझा दो ! मुझे मस्त रण्डी बना दो।

राजा- तुम्हें यह पसंद है? कोई राण्ड बुलाता है तो बुरा नहीं लगता?

डोना- अरे साली जूली ने पहले नहीं बताया ! नहीं तो मैंने भी दिल्ली आकर अब तक कितना कमा लिया होता? और मुझे रण्डी बुलाओ या वेश्या ! मुझे तो बस भोसड़े की खुजली मिटानी है और साथ में पैसे मिलते हैं तो क्या बुरा है? मुझे कहाँ तुमसे शादी करनी है? इसी पैसे से शादी करूंगी और यह मुल्क छोड़ दूँगी। चलो बातें बंद, चोदना चालू।

थोड़ी देर बाद उसी तरह वो उस्मान पे लटकी और राजा से चुदवाया। फिर वो उस्मान के लौड़े को भोसड़े में लेकर बैठी और मुँह में राजा का लोलीपोप लिया। अब बारी राजा की थी वैसे उसने राजा को लिया। फिर उसने मुँह पलट कर अपने भोंसड़े में राजा का लौड़ा लिया और हाथों से उस्मान का लौड़ा सहलाने लगी। पाँच ही मिनट में उसने उस्मान को बुलाया और उससे गाण्ड में लौड़ा डालने को कहा मतलब पहले ही दिन पहले दो कस्टमर के लौड़े चूत और गाण्ड दोनों में खा लिए।

दोनों ने जल्दी ही अपना पानी छोड़ दिया। फिर डोना ने मेज़ पर से सिगरेट का पैकेट लिया उसमें से उसने एक सिगरेट जलाई और आराम करने लगी।

राजा ने इस बीच उसके भोसड़े में मुँह घुसेड़ दिया और उसके भोसड़े का रस चाटने लगा। सिगरेट ख़त्म होते ही उसने उस्मान को भी अपना फ़ुद्दा चाटने के लिए मजबूर किया।

दोनों के चाट लेने के बाद दूसरे राउंड के लिए डोना तैयार हो गई। इधर मौसी और बाकी रण्डियाँ हैरान हो गई। टीवी पे देखते ही रह गई। किसी का धंधा करने का मूड नहीं था, सब जिन्दा फिल्म देखने में मस्त थी, सिर्फ जाहिदा और नीला कोई भी कस्टमर नहीं छोड़ रही थी। थोड़ी देर बाद वो भी आकर हमारे साथ बैठ गई।

मौसी- साली गजब की राण्ड है ! दो लौड़े लिए हैं और उनको सोने भी नहीं देगी। ये साले अब एक-दो महीना चोदने का नाम नहीं लेंगे। देख री नीला, कैसे चुदवाती है कस्टमर से? ऐसे चुदवाएगी तो कस्टमर बार-बार आयेंगे, कहीं नहीं जायेंगे और अपने दोस्तों को भी ले आयेंगे। तू तो एक कस्टमर लेकर एक घंटा आराम करती है.. कल से तू भी एकदम भड़काऊ टाईट कपड़े और अधनंगे कपड़े पहन।

नीला- हाँ ये बरोबर है। मैं कल ही वैसे कपड़े ले आती हूँ। फिलहाल मुझे डोना से चुदाई सीखनी है। अगर इसने सिर्फ एक बार ही चुदवाया तो इतना सब चोदने के बारे में कैसे मालूम?

मैं- अरे तू भी ब्लू फिल्म देख ! सब आ जाएगा।

नीला- छी, मुझे नहीं पसंद।

मैं- तो ये डोना की चुदाई देख।

मैं मौसी और नीला के बीच जा बैठा और धीरे से नीला के कंधे पे हाथ रख दिया, आहिस्ता से मैंने उसके गोले दबा दिए। मौसी ने देख लिया और नजर फेर ली। वो जानती थी कि मैं नीला को एकदम चुदक्कड़ बना सकता हूँ..

इतने में सुनीता का एक आशिक दोबारा आ गया। सुनीता उसके साथ चुदवाने चली गई।

मौसी- साली ने आज दस कस्टमर को बुला रखा है। अब सब एक साथ आयेंगे तो कैसे बिठाएगी?

मैं- चिंता मत करना। उसको चड्डी पहनने का मौका भी नहीं मिलेगा। वो सब सम्भाल लेगी। अब कस्टमर सम्भालने में एक्सपर्ट हो गई है। नीला तुम्हें भी ऐसे सिखाना है।

नीला- तुम सिखा दो ना।

मैं- पहले डोना की चुदाई तो देखने दे ! साली मेरे लौड़े को मजबूर कर रही है यहाँ रुकने के लिए।

मौसी- तो फिर रुक ना दो दिन। फिर कहाँ तुम इस गली में आने वाले हो।

मैं- देखते हैं। अभी नीला को सिखाना है।

इतना कहकर हम टीवी को ध्यान से देखने लगे। इधर डोना ने दोनों के लौड़ों को टनाटन कर दिया। उसने उस्मान को लिटाया और धीरे उलटे बैठ कर लौड़े को गाण्ड में घुसवाया और कमरे में लगी रॉड को पकड़ कर ऊपर नीचे होते हुए गाण्ड मरवाने लगी। उसके झटकों के कारण उसके नारियल जोरदार उछल रहे थे। जिन्हें राजा बाबू ने हाथों से दबा दिया..

डोना- राजा, तुम क्या करोगे? लौड़ा दुबारा दे दो मेरे मुँह में। उसको भी कोई जगह मिले चोदने के लिए।

उसने राजा का लौड़ा जोरदार चूसना चालू किया। अब राजा, उस्मान और डोना की सिसकारियों से और चिल्लाने से कमरे में सेक्स का माहौल छा गया।

डोना- ओह माई गॉड ! आई कांट बिअर दिस ! आई वांट मोर फक ! राजा डोंट लीव मी । उस्मान ढीले मत पड़ना।

मौसी- साली ऐसी चुदाई मेरे यहाँ किसी रण्डी की नहीं हुई ! यहाँ तक कि राजू तेरी सीमा की भी नहीं। आज जल्दी धंधा बंद करके कमरे में पार्टी करते हैं.. राजू नीला को सिखा दे यह सब और दो महीने रहना है उसने यहाँ।

मैं- मौसी मैंने सोच लिया। मैं और सीमा (सुनीता) और एक हफ्ता रहते हैं।

मौसी- मैं समझ गई। तुझे डोना के नारियल चाहिएँ। और नीला को चोदना भी है। वो भी सिखाने के बहाने। साले तेरे जैसे भड़वों को मैं अच्छी तरह जानती हूँ। रहे तू और तेरी रण्डी बीवी जितना चाहे उतना ! मुझे क्या मुझे तो पैसा चाहिए। और इन रण्डियों को कस्टमर। मगर तू सम्भालना !
तेरी बीवी रण्डी बनी है तो कही यहाँ ही न रह जाए। और तुझे लौड़ा पकड़कर घर अकेले जाना पड़े। क्योंकि औरत ने एक बार पराया लौड़ा अपने मर्द के कहने पे भोसड़े में लेना शुरू किया या रण्डी बन गई फिर मुश्किल से वो आम जिंदगी में घुलमिल सकती है। वो तो चलते फिरते मर्दों के लौड़े अपने भोसड़े में घुस जाए, यही चाह रखती है। मेरी ही बात कर ! मुझे शुरू में रोज नए लौड़े चाहिएं थे, और चोदुओं की कमी नहीं। लाली लिपस्टिक लगा, अधनंगे टाईट कपड़े पहन के खड़ी हो जाओ, अपने आप चोदने चले आते हैं।

नीला- मौसी, जीजू को अपने यहाँ आई वो मालती के बारे में बताना।

मौसी- हाँ, चेन्नई से तुम जैसा एक जोड़ा आया था। दोनों को पैसों की कमी नहीं थी मगर तेरी बीवी जैसा राण्ड बनने का चस्का चढ़ा था। दस दिन का कह कर रहे, फिर उसकी बीवी मालती को रण्डीपना इतना भा गया कि जाने को तैयार ही नहीं थी। एक दिन, और एक दिन ! और कहते कहते महीना हो गया पर उसको यह सब इतना अच्छा लगा कि अपने मर्द को अकेले चले जाने को कहा।

मैंने मालती को समझाया कि ऐसे मत कर ! घर संसार चला और कभी मौका मिले तो आ जाना इस कोठे के दरवाजे हमेशा खुले हैं। तब कहीं जाने को राजी हुई।
कल ही उसका फोन आया था कि बहुत दिन हुए पराया लौड़ा नहीं लिया तो मैंने कहा कि मर्द के साथ आ जा 2-4 दिन के लिए, तो वो आने वाले हैं। साली वो भी आखिर आखिर में डोना के जैसे 2-2 या 3-3 कस्टमर एक साथ लेती थी। किसी भी औरत को आदत हो गई तो छूटना मुश्किल है। और हम तो इस काम के पैसे लेती हैं इसलिए रण्डी कहलाती हैं।

इतने में सुनीता कस्टमर से चुदवाकर बाहर आई। मैंने उसे मौसी ने जो कहा वो बताया तो बोली- बिल्कुल सच है, मुझे यह सब भाने लगा है। साले मूछ पे ताव देने वाले मर्द भी हमारे भोसड़े पे सब कुर्बान करने चले आते हैं.. पर मैं सिर्फ और एक हफ्ता रुकूँगी, फिर तुम्हें यहाँ रहना है तो रहो मुझे ट्रेन में बिठा देना।

यह सुनकर मुझे शांति हुई।

पढ़ते रहिए ! कहानी जारी रहेगी !
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2010

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