इमरान ओवैश

मेरी कुंवारी कमसिन बहन मेरे सामने अपने आशिक और उसके दोस्तों के सामने नंगी पड़ी चुद रही थी और ना चाहते हुयी भी मेरे लिंग में सख्ती आ रही थी. मेरी हालत मेरी कहानी पढ़ कर जानें!

अगर एक भाई के सामने उसकी बहन अपने आशिक के साथ उसके दो दोस्तों के साथ सेक्स करे तो उसे कैसा लगेगा. एक भाई की जुबानी उसकी बहन की चुदाई का आँखों देखा हाल पढ़ें!

मेरे सामने मेरी बहन का आशिक मेरी बहन की चूत की बात कर रहा था और मैं मजबूर सा उसकी बातें सुन रहा था. वो मेरी बहन की चूत में उंगली कर चुका था, ऐसा उसने मुझे बताया.

यह कहानी एक ऐसे युवक की है जो उन हालात का सामना करता है जिनसे वह राजी तो नहीं लेकिन जिन्हें बदल पाना उसके बस का नहीं था. एक भाई अपनी बहन की कहानी बता रहा है.

ये सब जवानी की सहज स्वाभाविक प्रतिक्रियायें हैं जिनका आनंद सभी ले रहे हैं। मैं नहीं ले पाया तो यह मेरी कमी थी. पर अब दूसरों को लेते देख मुझमें वह खुशी, वह उत्तेजना पैदा हो रही है।

यह कहानी ऐसे व्यक्ति की है जो उच्च सरकारी सेवा में है और ‘सेक्स’ के पैमाने पर बेहद साधारण रहा लेकिन एक मुकाम फिर ऐसा भी आया कि उसने इस भूख को ठीक युवाओं की तरह महसूस किया।

वह ताजा जवान हुआ लौंडा था लेकिन मुझे उसके हावभाव से लगा नहीं कि उसने पहले कभी कुछ किया हो. यही मेरे डर की वजह थी पर मैंने ठान लिया कि मैं ट्राई जरूर करूंगी; चाहे जो अंजाम हो।

मैंने दोनों के लंड उस तेल को चुपड़ कर एकदम चमका दिये और खुद औंधी लेट कर सिर्फ गांड वाले हिस्से को उभार दिया कि वे उसमें तेल लगा कर अपनी उंगलियों से चोदन करें।

बहुत भूखी हूँ, बहुत तरसी हूँ मर्द के लिये, बहुत तड़पी हूँ। जी भर के चोदो मुझे … दो घंटे हैं तुम्हारे पास। मेरी चूत की धज्जियां उड़ा दो। वह सब कुछ करो जो तुमने कहीं पढ़ा या देखा हो .. मैं सबकुछ महसूस करना चाहती हूँ।

चूत की भूख क्या होती है, यह मुझसे बेहतर कौन समझ सकता था। न चाहते हुए भी एक अदद लिंग को तरसती अपनी योनि की तरफ ध्यान बरबस ही चला जाता है जो क्षण भर के संसर्ग की कल्पना भर में गीली होकर रह जाती है.

बोर्डिंग स्कूल में रह कर पढ़ाई कर रही एक देसी, भोली भाली लड़की को उसके अध्यापक ने कैसे अपनी वासना का शिकार बनाया. पढ़ें कुंवारी लड़की की दास्ताँ उसी की जुबानी!

निकाह के बाद मुझे शौहर मिला तो गल्फ वाला … दो साल बाद आता तो चूत की चुदाई होती, बाक़ी सारा वक्त फाके … आखिर अपनी चूत की तरावट के लिए मैंने क्या किया?

“उफ.. मादरचोद.. ऐसा लग रहा है जैसे मेरी गांड फट गयी हो.. अबे वाकई फाड़ दी है क्या भड़वे।” वह बिलबिलाती हुई बोली थी.. उसकी आँखों में छलक आये आंसू हम भी देख सकते थे।

मेरी खाला की बेटी मेरे सामने मेरे दो दोस्तों को अपनी चूत और गांड चुदाई के लिए तैयार कर रही थी. अपनी मौसेरी बहन का यह रूप मैंने कभी सोचा नहीं था.

“कौन सा मेरा सगा भाई या बाप है। कजिन ही तो है … कजिन लोग क्या चोदते नहीं … उसे मौका मिलेगा तो वह भी चढ़ने से कौन सा बाज़ आ जायेगा। वैसे भी मैं किसी से नहीं डरती।”

मैंने अपने दोस्तों से उनके फ़्लैट में अपनी मौसेरी बहन को कुछ दिन ठहराने को कहा तो वे मना नहीं कर पाए. लेकिन मेरी बहन की मस्तराम हरकतें देख वे हैरान रह गए.

सेक्स को एन्जॉय करने के लिये ज़रूरी है कि उसे खुल के किया जाये। इन ख़ास लम्हों में कोई शर्म नहीं … चोदन के वक्त भूल जाओ कि तुम क्या हो और जो भी जी में आये वह करो।

बहुत तरस चुकी मैं लंडों के लिये। शादी की फिलहाल कोई उम्मीद भी नहीं दिखती। जो लड़का फंसता भी है तो शादी की लाईन पर आता दिखता नहीं और रिश्ता कोई आता नहीं।

उफ.. कितना मजा देते हो! अगर मुझे पहले पता होता कि कभी मुझे गोद में खिलाने वाले भाईजान एक दिन मुझे नंगी करके मेरी गांड में अपना लंड ठांसेंगे तो जब मैं खिलती हुई कली थी…

“मुझे तीन लड़कों ने चोदा.. एक ने अपना लंड भी चुसवाया लेकिन किसी ने भी मेरी बुर नहीं चाटी। बस उंगलियों से सहला कर गर्म कर लिया.. मैं देखना चाहती हूं कि कैसा महसूस होता है।”

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